
जयपुर के आमेर रोड़ से बारिश के बीच गुजरते वाहन। फोटो पत्रिका
Rajasthan Weather Update : नौतपा के बीच भीषण गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को आगामी एक सप्ताह तक राहत मिलने वाली है। मौसम केन्द्र ने प्रदेश में आगामी 3 दिन तेज अंधड़ के साथ बारिश की संभावना जताई है। मौसम केन्द्र ने शनिवार को 19 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम केन्द्र ने शनिवार को प्रदेश के उत्तरी, पूर्वी, पूर्वोत्तर जिलों में 60-70 किमी की रफ्तार से हवा चलने और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं मौसम संबंधी इन गतिविधियों के 2 दिन और जून के प्रथम सप्ताह तक जारी रहने की संभावना जताई है।
वैसे सुबह 3.30 बजे जारी मौसम विभाग के अपडेट में जोधपुर, पाली, राजसमंद, उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भीलवाड़ा, व्यावर, नागौर, अजमेर, कोटा, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, टोंक, जयपुर, डीडवाना-कुचामन, झालावाड़ तथा बारां जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाएं 40-60 किमी/घंटा, धूलभरी आंधी, ओलावृष्टि तथा हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं दूसरी तरफ सवाई माधोपुर, दौसा, अलवर, कोटपूतली बहरोड़, सीकर, चूरू, बीकानेर, फलोदी, बालोतरा, जालोर, सिरोही, करौली तथा झुंझुनू जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन/गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाएं 30-40 किमी/घंटा तथा हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इधर पश्चिमी विक्षोम के असर से शुक्रवार को जयपुर, झुन्झुनूं, गंगापुरसिटी, धौलपुर, भरतपुर, सीकर, अलवर और बीकानेर सहित कई जिलों में आंधी के साथ मेघगर्जन, बारिश और ओलावृष्टि हुई। वहीं जयपुर में शुक्रवार शाम को 55-60 किमी की रफ्तार से तेज हवा के साथ बारिश हुई व जेएलएन मार्ग शास्त्रीनगर, सिविल लाइन, झोटवाड़ा, सी-स्कीम, जवाहर नगर, सोड़ाला, वैशाली नगर सहित अन्य जगहों पर बारिश के साथ ओले गिरे।
शुक्रवार शाम को आए तेज अंधड़ में जयपुर के हरिपुरा के बापूगांव में धापू बुनकर (62 वर्ष) और दौसा के लालसोट में लाडो देवी (60 वर्ष) की दीवार गिरने मौत हो गई। वहीं लालसोट के रायमालपुरा गांव में टीन शेड के नीचे दबने से एक युवक घनश्याम (35 वर्ष) की मौत हो गई।
मौसम के कारण जयपुर एयरपोर्ट पर दो फ्लाइट प्रभावित रहीं। इसमें इंडिगो की कोलकाता से जयपुर आ रही फ्लाइट को मौसम खराब होने पर भोपाल डायवर्ट किया गया। वहीं हैदराबाद से चंडीगढ़ जा रही फ्लाइट को भी जयपुर उतारा गया।
भीषण गर्मी और हीटवेव के दौरान कई बार ओलावृष्टि होने से लोग हैरान हैं, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं। जयपुर मौसम केंद्र के प्रभारी राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण वातावरण में अस्थिरता बढ़ जाती है, जिससे मेघगर्जन वाले बादल तेजी से विकसित होते हैं। ये बादल 12 किलोमीटर या उससे अधिक ऊंचाई तक फैल जाते हैं। बादलों की ऊपरी परतों में तापमान शून्य से काफी नीचे, यानी माइनस में पहुंच जाता है।
ऐसे में बादलों के भीतर मौजूद पानी की बूंदें जमकर बर्फ के कणों में बदलने लगती हैं। तेज हवाओं के प्रभाव से ये कण बड़े आकार के ओलों का रूप ले लेते हैं। जब उनका भार बढ़ जाता है तो वे जमीन पर गिरते हैं, जिससे ओलावृष्टि होती है।
आपदा प्रबंधन विभाग राजस्थान की ओर से शुक्रवार रात 9.37 बजे तीन घंटे के लिए अलर्ट जारी किया गया। बिजली कड़कने, धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि के साथ 80 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल आशंका जताई गई।
Updated on:
30 May 2026 06:51 am
Published on:
30 May 2026 06:41 am
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