
नागौर. प्रशासन-शहरों के संग की तैयारियों पर नागौर नगरपरिषद में बुधवार को हुई बैठक पूर्व में पट्टों से संबंधित नियमन खांचा भूमि स्टेट ग्रॉक्ट एक्ट की फाइलों के गायब हुए प्रकरण के भेंट चढ़ गई। इसको लेकर नगरपरिषद प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगा। काफी देर तक इसी को लेकर गर्मागरम स्थिति बनी रही। इस दौरान आयुक्त की ओर शिविर के संदर्भ में तैयारियों को ध्यान में रखते हुए सुझाव भी मांगे गए, सभापति मितू बोथरा के सामने उनके पार्षद पति नव रतन बोथरा सुझाव की जगह कहा गया कि पट्टों की फाइल बनवाने में आमजन के हजारों रुपए लग जाते हैं, लेकिन प्रकरणों के लंबित होने की स्थिति में इस पर पानी फिर जाता है। करीब 400 से अधिक फाइलें वर्तमान में नगर परिषद से गायब है उच्च स्तरीय जांच चल रही है लेकिन फाइलों के बारे में आयुक्त अपनी रिपोर्ट आगे भेज नहीं कर रहे हैं इस पर उपखण्ड अधिकारी सुनील पवार की ओर से इस संबंध में यथोचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया गया।
उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता में करीब साढ़े 11 बजे नगरपरिषद के सभागार में बैठक शुरू हुई। आयुक्त श्रवणराम चौधरी ने प्रशासनिक-शहरों के संग तैयारियों के संदर्भ में पूरी पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला, और सुझाव मांगे गए। आयुक्त चौधरी ने कहा कि इस संबंध में सरकार की ओर से गाइडलाइन भी जल्द आ जाएगी। इसके पश्चात सरकारी मंशानुसार लोगों के पट्टे आदि से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। विशेषकर कृषि भूमि पर बसी आवासीय बस्तियों के नियमन का कार्य प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द निस्तारित कर दिया जाएगा। इस दौरान पार्षद नवनरत्न बोथरा ने पूर्व में पट्टों से संबंधित फाइलों को लेकर गायब होने का प्रकरण उठाया। बोथरा ने कहा कि पहले से पट्टों से संबंधित प्रकरणों के लंबित होने के साथ ही कई फाइलें भी गायब हैं। इसको लेकर परिषद प्रशासन में सक्रियता के अभाव के चलते कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया। पार्षद ओम ने भी इसका समर्थन करते हुए कहा कि परिषद की ओर से पात्र लोगों के कार्य ही नहीं किए जाते हैं। परिषद में केवल रसूखदारों के काम होते हैं। इस पर उपखण्ड अधिकारी सुनील पंवार के साथ ही आयुक्त चौधरी ने यथोचित कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। पार्षदों से कहा गया कि वह आवासीय बस्तियों में लोगों को पट्टे आधिकाधिक लिए जाने के लिए प्रेरित करें, ताकी लोग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। आयुक्त चौधरी ने आश्वस्त किया कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार पात्र लोगों के कार्यों का निस्तारण करने में कोइ्र्र विलंब नहीं किया जाएगा। सभापति मीतू बोथरा ने भी कहा कि जनहित के कार्यों में विलंब नहीं होना चाहिए। शिविर के दौरान इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। पार्षद ओम प्रकाश ने भी नगरपरिषद प्रशासन से कहा कि आमजन के कार्यों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। आयुक्त श्रवणराम चौधरी ने बताया कि अभियान के सफल बनाने के लिए परिषद की ओर से नागौर शहर के 60 वार्डों के लिए वार्ड प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। प्रयास रहेगा कि शिविर शुरू होने के दौरान लोगों का कोई भी कार्य लंबित न रहे। विशेषकर पट्टों से जुड़े कार्यों में विलंब बिलकुल नहीं होने देने की परिषद हरसंभव कोशिश करेगा।