नागौर

फिर पटरी से उतर जाएगी सफाई व्यवस्था, यहां 22 दिन में तीसरी बार हड़ताल पर जाएंगे सफाई कर्मचारी..

राजस्थान के नागौर में नगर परिषद सफाई कर्मचारी शनिवार से फिर हड़ताल पर..
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Updated: 22 Jun 2018, 8:49 PM IST
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Nagar Parishad Sweeper on strike from saturday in nagaur

-सफाई कर्मचारी भर्ती मामले में डीएलबी के निर्णय से पहले आवेदन पत्रों की जांच का विरोध
नागौर. नगर परिषद सफाई कर्मचारियों ने एक बार फिर हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इस संबंध में सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि नगर परिषद राजस्व अधिकारी के अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सफाई कर्मचारी भर्ती प्रक्रिया में आवेदनों की जांच के लिए कमेटी गठित की है। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि नगर परिषद की बोर्ड बैठक में लिए गए प्रस्ताव पर स्वायत्त शासन विभाग की ओर से किसी प्रकार का निर्णय लिए जाने से पहले कमेटी गठित कर जांच करवाने पर नगर परिषद के स्थाई व संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे।


एक महीने में दूसरी बार हड़ताल
अजय,प्रदीप, देवेन्द्र, मनीष, राहुल,अभिषेक समेत अन्य सफाई कर्मचारियों ने प्रेस नोट में लिखा है कि स्वायत्त शासन विभाग के 15 मई को जारी निर्देशानुसार नगर परिषद आयुक्त, लेखाधिकारी व जिला कलक्टर को नॉमिनी उपखंड अधिकारी की सदस्यता वाली एक कमेटी आवेदन पत्रों की जांच करेगी, जबकि राजस्व अधिकारी अनिता बिरदा ने अवैधानिक तरीके से शुक्रवार को एक आदेश निकालकर आवेदन पत्रों की जांच के लिए कमेटियां गठित की है। आवेदन पत्रों की जांच जारी रखने पर सफाई कर्मचारी शनिवार से हड़ताल पर जा रहे हैं। यह तीसरा मौका है जब शहर में 22 दिन में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।


तो फिर बिगड़ेगी सफाई व्यवस्था
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ती है तो इसके लिए राजस्व अधिकारी बिरदा व आयुक्त प्रभातीलाल जाट जिम्मेदार होंगे। गौरतलब है कि इससे पहले सफाई कर्मचारियों की भर्ती में वाल्मिकी समाज के अलावा अन्य समाजों के लोगों को शामिल करने के विरोध में 30 मई को हड़ताल की थी। इसके बाद सचिव बापेडिय़ा द्वारा आवेदन पत्रों की जांच करवाए जाने पर 12 जून को स्थाई व संविदा सफाई कर्मचारी टूल डाउन हड़ताल पर चले गए थे। आयुक्त जाट व अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार के साथ वार्ता के बाद कर्मचारी 15 जून को काम पर लौटे थे।

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