नागौर

विकास को तरसती नागौर कीशहर के ताऊसर रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी

राजस्थान के नागौर में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में टूटी व खस्ताहाल सडक़ें दे रही है दर्द, झूलते तारों से हादसों की आशंका।
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Updated: 7 Dec 2017, 11:06 AM IST
nagaur news
lake of facility in housing board colony

नागौर. टूटी नालियां, खस्ताहाल सडक़ें, झूलते तार व गलियों में पसरी गंदगी व कचरा। क्षतिग्रस्त हो चुकी पार्क की दीवारों के बीच इक्का दुक्का पेड़। कुछ ऐसा ही हाल है शहर के ताऊसर रोड स्थित आवासन मंडल कॉलोनी का। वर्षों पहले लाखों रुपए खर्च कर घर लेने वाले लोग आज भी कॉलोनी में विकास की बाट जोह रहे हैं। सडक़ों के नाम पर गड्ढे तो सौन्दर्यकरण के नाम पर खस्ताहाल पार्कों के अलावा कुछ नजर नहीं आता। हाउसिंग बोर्ड ने कॉलोनी nagaur नगर परिषद को हस्तांतरित कर दी हो लेकिन विकास की दृष्टि से आज भी यहां कुछ नहीं है।
सेहत बिगाड़ रही टूटी सडक़ें
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में बेशक सडक़ें हैं लेकिन ये सडक़ों वीआईपी लोगों के घरों के आसपास ही बनी है। पूरी कॉलोनी में सडक़ों के नाम पर छोटे -बड़े गड्ढे हैं जो वाहन चालकों की सेहत बिगाड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में सडक़ों की खराब स्थिति के कारण वाहन चलाना किसी खतरे से खाली नहीं है। आए दिन वाहन चालकों का गिरकर चोटिल होना आम बात है। पार्कों में छोड़ा गया नालियों का पानी मच्छर पनपा रहा है, जिसके चलते बच्चे पार्क में खेलना तो दूर पास से गुजरना भी उचित नहीं समझते।
मकानों को खोखला रहा पानी
कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंधन नहीं होने से कीचड़ सडक़ों व घरों के आगे पड़ा रहता है। आलम यह है कि कुछ मकानों के पास बनी नालियां नीचे होने के कारण गंदा पानी रिसकर मकानों की नींव में जाकर उनको खोखला कर रहा है। हालात यह है कि सडक़ों पर उडऩे वाली धूल से परेशान होकर घरों में कैद होकर रहने को मजबूर है। यह धूल लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों का कारण बन रही है। इसके बावजूद जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही है। सडक़ों पर झूलते तार कभी भी हादसों का सबब बन सकते हैं लेकिन अधिकारी इन सबसे बेखबर हैं।


सडक़ों पर चलना चुनौती
सुविधाओं के नाम पर टृूटी सडक़ें व क्षतिग्रस्त नालियां है। कॉलोनी के पार्क बदहाल है। सडक़ों पर वाहन लेकर गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।
विशाल शर्मा, कॉलोनी निवासी

व्यवस्थाओं में सुविधा की दरकार
पार्षद बनने के बाद पांच सडक़ों का निर्माण हुआ है। लेकिन अभी भी व्यवस्थाओं में सुविधा की दरकार है। सीवरेज के बाद नालियों की समस्या दूर हो जाएगी। सीवरेज बिछने के बाद ही सडक़ें बनाई जाएगी ताकि तोडऩी नहीं पड़े।
सरोज प्रजापत, 24 पार्षद, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, नागौर

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