नागौर

Rajasthan Success Story: छोटे शहर से निकलीं चारुल बनीं देश की टॉप ‘मेकअप-ब्यूटी क्रिएटर’, लाखों फॉलोअर्स की बड़ी क्रिएटर्स को पछाड़ा

नागौर की बेटी चारुल (चार्ली) पाराशर ने गोवा में आयोजित 'इन्फ्लुएंस एक्स-2026' में जीता 'इमर्जिंग मेकअप/ब्यूटी क्रिएटर ऑफ द ईयर' का प्रतिष्ठित खिताब।
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Updated: 3 Nov 2026, 12:05 PM IST
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Charul Parashar with emerging beauty creator of the year award

राजस्थान के नागौर से ताल्लुक रखने वाली चारुल पाराशर ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। गोवा में आयोजित प्रतिष्ठित 'इन्फ्लुएंस एक्स-2026' समारोह में चारुल को 'इमर्जिंग मेकअप-ब्यूटी क्रिएटर ऑफ द ईयर' के प्रतिष्ठित खिताब से नवाजा गया है। 1 नवंबर को गोवा में हुए इस भव्य कार्यक्रम में देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में उन्हें सम्मानित किया गया। इस बड़ी जीत के साथ ही चारुल को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित 'एग्जीबिट मैग्जीन' के कवर पेज पर भी प्रमुखता से स्थान मिलेगा।

7 साल पहले शुरू हुआ था सफर

नागौर निवासी ललित पाराशर की सुपुत्री चारुल ने आज से करीब 7 साल पहले मेकअप और ब्यूटी क्रिएशन के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत करने की इच्छा जताई थी। माता-पिता ने बेटी के इस सपने को समझा और उनकी रुचि का पूरा सम्मान किया। पिता ललित पाराशर ने चारुल की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उनका दाखिला मुंबई की एक प्रतिष्ठित एकेडमी में करवाया। वहाँ से पेशेवर कोर्स पूरा करने के बाद चारुल ने इसी क्षेत्र में पूरी शिद्दत के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया और लगातार संघर्ष व मेहनत से यह मुकाम हासिल किया।

कड़े मुकाबले में पीछे छूटीं बड़ी क्रिएटर्स

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश भर से कुल 19 चुनिंदा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस मुकाबले की सबसे खास बात यह थी कि जहाँ अन्य प्रतिभागी देश के बड़े-बड़े महानगरों से थीं और जिनके सोशल मीडिया पर 5 लाख से 10 लाख तक फॉलोअर्स थे, वहीं चारुल के पास करीब 1.70 लाख फॉलोअर्स थे।

इसके बावजूद चारुल ने नागौर जैसे छोटे शहर से ताल्लुक रखने के बावजूद ऑनलाइन वोटिंग और अपने हुनर के दम पर सभी को पीछे छोड़ दिया। शानदार जनसमर्थन हासिल करते हुए उन्होंने यह खिताब अपने नाम किया। वह यह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल करने वाली राजस्थान की पहली प्रतिभागी भी बन गई हैं।

परिवार की प्रेरणा और दादा-पिता का विशेष सहयोग

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय चारुल ने अपने पिता ललित पाराशर और अपने दादा सूर्यनारायण पाराशर को दिया है। चारुल का कहना है कि उनके दादा की सोच हमेशा से यह रही थी कि यदि बेटियां स्वतंत्र और आत्मनिर्भर होंगी, तो सफलता खुद उनके कदम चूमेगी। दादा की इसी प्रगतिशील सोच और पिता के निरंतर सहयोग व विश्वास ने ही उन्हें वैश्विक मंच तक पहुँचने का हौसला दिया। चारुल की इस सफलता से पूरे नागौर जिले और राजस्थानभर में जश्न व प्रेरणा का माहौल है।

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3 Nov 2026, 12:05 PM IST
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