
नागौर. डीडवाना. मारवाड़ के इस अंचल के नागौर व डीडवाना-कुचामन जिले की चार नगर परिषदों में सभापति के लिए मुकाबला रौचक बन गया है। राजनीति संभावनाओं और अंतिम समय में बाजी पलटने का क्षेत्र माना जाता है। ऐसा होता भी दिख रहा है। नागौर नगर परिषद में भाजपा को बहुमत नहीं मिला लेकिन सबसे बड़े दल के रूप में होना, सभापति की कुर्सी तक ले जाने में मददगार साबित हो रहा है। फिर भी पार्टी निर्दलीयों को साधने में पूरी ताकत लगाए हुए है।
प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को निकाय चुनाव में मात देने के लिए कांग्रेस ने पिछले निका चुनावों में आजमाया दांव इस बार फिर चला है। नगर परिषद कुचामन सिटी और नगर परिषद मकराना में अपनी पार्टी के निर्वाचित पार्षदों में से किसी को प्रत्याशी बनाने की जगह हाइब्रिड सिस्टम से ऐसे व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया है, जो पार्षद नहीं है। यह बिसात पार्षद के लिए नामांकन दाखिल होने के समय से ही बिछाई जा चुकी थी। जो अब खुलकर सामने आ गई है।
डीडवाना में सभापति के चुनाव में अपने तो अपने होते है... गाने का संगीत गूंजता सुनाई दे रहा है। यहां नगर परिषद डीडवाना के चुनाव में तीन खेमे बने हुए थे। एक भाजपा का, दूसरा कांग्रेस का और तीसरा निर्दलीय विधायक युनूस खान का। कभी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के खास सिपहालारों में शुमार रहे युनूस खान निर्दलीय चुनाव लड़कर विधायक निर्वाचित हुए। तभी से भाजपा ने भले किनारा कर रखा हो, लेकिन वह पार्टी परिवार के पुराने सदस्य है। अब निकाय चुनाव में पार्टी के कुछ नेता युनूस खान की तरफ उम्मीद भरी नजरों से देख रहे है।
भाजपा उम्मीदवारः- संतोष टाक
कांग्रेस उम्मीदवारः- दीपक सैनी
निर्दलीय उम्मीदवारः- रमा
बहुमत का गणितः- कुल 60 वार्ड में भाजपा के 21, कांग्रेस के 15, आरएलपी का एक और निर्दलीय 23 पार्षद है। बहुमत के लिए 31 पार्षद चाहिए।
पर्दे के पीछे : भाजपा की पार्षद रमा ने निर्दलीय व भाजपा प्रत्याशी के रूप में सभापति के लिए नामांकन किया है। पार्टी ने प्रत्याशी संतोष टाक को बनाया है। भाजपा के अपने 21 पार्षदों के साथ बाड़ाबंदी में निर्दलीयों के जाने की बात सामने आई थी। जो बहुमत के गणित को भाजपा के पक्ष में करता नजर आ रहा है।
भाजपा उम्मीदवारः- कोई नहीं
कांग्रेस उम्मीदवारः- रियाज अहमद गौड़ (पार्षद का चुनाव हारे हुए)
निर्दलीय उम्मीदवारः-1. फारूख अहमद गौड़ 2. अब्दुल रहीम 3. हारून रशीद चौधरी
बहुमत का गणितः- कुल वार्ड 60 है। भाजपा के 6, कांग्रेस के 18 और निर्दलीय 36 पार्षद है। बहुमत के लिए 31 का आंकड़ा चाहिए।
पर्दे के पीछे : कांग्रेस ने रियाज अहमद गौड़ हाइब्रिड सिस्टम के तहत सभापति पद के प्रत्याशी बनाया है। रियाज अहमद वार्ड पार्षद का चुनाव पार्टी सिम्बल पर हार चुके है। कांग्रेस पार्षद फारूख अहमद गौड़ निर्दलीय प्रत्याशी बने है। जो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के चाचा है। कांग्रेस पार्षद अब्दुल रहीम ने निर्दलीय पर्चा भरा है। वे मौजूद कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन के समधी है। तीसरा निर्दलीय हारून रशीद चौधरी है, जिसके सहारे पहले भाजपा सभापति के दंगल में उतरने के प्रयास में थी, लेकिन यह रणनीति सफल नहीं हुई।
भाजपा उम्मीदवारः- भंवरलाल पंवार
कांग्रेस उम्मीदवारः- बाबू खा
बहुमत का गणितः- कुल वार्ड 40 है। भाजपा के 9, कांग्रेस के 16, आरएलपी का 1 और निर्दलीय 14 पार्षद निर्वाचित है। कांग्रेस आरएलपी व निर्दलीय के समर्थन से सभापति बनाने के प्रयास में है।
पर्दे के पीछे : डीडवाना निर्दलीय विधायक युनूस खान के समर्थन से अधिकांश निर्दलीय चुनाव लड़े थे। ऐसे में विधायक का झुकाव ही तय करेगा, किसका बोर्ड बनता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता पुराने साथी युनूस खान से सम्पर्क में है। भाजपा ने निर्दलीय को ही अपना सभापति उम्मीदवार बनाया है। जो अंदरखाने सहमति के संकेत दे रहा है। हालांकि कांग्रेस भी निर्दलीय व आरएलपी का समर्थन मिलने का दावा कर रही है।
भाजपा उम्मीदवार:- महेश रामचन्द्रका
कांग्रेस उम्मीदवार:- आरिफ खान
निर्दलीय उम्मीदवार:- मोहम्मद नासिर
बहुमत का गणितः- कुल 45 वार्ड है। भाजपा के 15 व कांग्रेस के 17 पार्षद है। निर्दलीय 14 पार्षद निर्वाचित हुए है। बहुमत के लिए 23 का आंकड़ा चाहिए। भाजपा ने महेश रामचन्द्रका निर्दलीय को प्रत्याशी बनाकर अपनी संख्या में एक अंक बढ़ा लिया है। सभापति प्रत्याशी के साथ कुछ निर्दलीय पार्षद भी है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। पार्टी ने हाइब्रिड सिस्टम से आरिफ खान को प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार निकाय चुनाव में इनके भाई आसिफ खान को हाइब्रिड प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस सभापति की कुर्सी पर काबिज हुई थी। इस बार मुकाबला कांटे का है।