कोतवाली पुलिस टीम ने रोटू निवासी आरोपी रामनिवास उर्फ रामा की ओर से नशा तस्करी से अर्जित आय से शहर के सलेऊ रोड पर बनाए जा रहे तीन मंजिला मकान को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत फ्रीज किया
नागौर. जिले में चल रहे ‘ऑपरेशन संकल्प – नशा मुक्त नागौर’ अभियान के तहत नागौर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्तियों पर एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी का निर्माणाधीन मकान गुरुवार को सीज कर दिया। जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीना के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में कोतवाली पुलिस टीम ने रोटू निवासी आरोपी रामनिवास उर्फ रामा की ओर से नशा तस्करी से अर्जित आय से शहर के सलेऊ रोड पर बनाए जा रहे तीन मंजिला मकान को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत फ्रीज किया।
पुलिस के अनुसार जायल थाना क्षेत्र के रोटू निवासी आरोपी रामनिवास उर्फ रामा (33) के खिलाफ वर्ष 2025 में थाना रतनगढ़ (जिला चूरू) में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज है। वह लंबे समय से फरार चल रहा है और उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से नागौर के डीडवाना बायपास रोड स्थित क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर आलीशान मकान का निर्माण शुरू किया था। इस पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए संपत्ति को फ्रीज कर दिया। कोतवाली थानाधिकारी की ओर से जारी फ्रीजिंग आदेश को सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली ने जांच और सुनवाई के बाद सही मानते हुए पुष्टि कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी व सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन के सुपरविजन में थानाधिकारी वेदपाल शिवराण सहित टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही। एसपी मीना ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी से समाज को खोखला करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर लगातार प्रहार किया जाएगा।
ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी: किराये का झांसा देकर वाहन हड़पा
नागौर. जिले में ट्रैक्टर किराये पर लगवाकर मोटी कमाई का लालच देकर एक युवक से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार दौतीना निवासी 23 वर्षीय गोविन्द पुत्र भंवरलाल ने रिपोर्ट दी कि वह बैंक कार्य से तरनाऊ गया था, जहां उसकी मुलाकात हरेन्द्र नामक युवक से हुई। हरेन्द्र ने अपने साथियों नेमीचंद व रामकुमार के साथ मिलकर उसे ट्रैक्टर किराये पर लगवाने का झांसा दिया और हर महीने अच्छी आय का भरोसा दिलाया। आरोप है कि आरोपियों ने उसे नागौर में डीसीबी बैंक के एक एजेंट से मिलवाकर 19 मई 2025 को एमएफ 245 डीआई ट्रैक्टर फाइनेंस करवाया। इसके बाद ट्रैक्टर के कागजात देने के बजाय नागौर में ही बहाने से अपने कब्जे में ले लिया।
पीडि़त का कहना है कि आरोपियों ने ट्रैक्टर किराये पर चलाने और बैंक की किस्तें भरने का भरोसा दिया, लेकिन न तो किस्तें जमा करवाई और न ही ट्रैक्टर वापस किया। हाल ही में बैंक से नोटिस मिलने पर उसे धोखाधड़ी का पता चला। जब पीड़ित ने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और मिलने पर धमकाते हुए अभद्रता की। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने पर सामने आया कि आरोपियों का एक गिरोह है, जो इसी तरह अन्य लोगों को भी शिकार बना चुका है। पुलिस ने परिवाद की जांच के बाद मामला दर्ज करते हुए इसे गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए जांच शुरू कर दी है।