
ज्ञापन सौंपते हुए। फोटो- पत्रिका
लाडनूं। कसुम्बी अलीपुर ग्राम पंचायत के प्रशासक गिरधारीराम राहड़ और पंचायत समिति की विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी के बीच बिल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। कुमुद सोलंकी की शिकायत पर पहुंची पुलिस ने प्रशासक को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
आरोप है कि उसे घसीटते हुए थाने तक ले जाया गया और थानाधिकारी पर थप्पड़ मारने के भी आरोप लगे हैं। घटना के विरोध में जनप्रतिनिधियों ने विकास अधिकारी पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए तहसील कार्यालय में धरना शुरू कर दिया और थानाधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया।
घटना 24 मार्च दोपहर की बताई गई है। प्रशासक गिरधारीराम राहड़ पंचायत समिति कार्यालय में बकाया भुगतान के संबंध में गए थे। यहां विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी से कथित रूप से कमीशन को लेकर विवाद हो गया। विकास अधिकारी ने उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कहा, जिसके बाद बहस बढ़ गई। विवाद के बाद विकास अधिकारी ने कर्मचारियों को मुख्य गेट बंद करने और सरकारी वाहन गेट के सामने खड़ा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। थानाधिकारी शिम्भूदयाल मीणा पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि थानाधिकारी ने परिसर में ही प्रशासक को थप्पड़ मारा और पुलिसकर्मियों को उसे घसीटते हुए थाने ले जाने के निर्देश दिए। प्रशासक को मुख्य मार्ग से होते हुए थाने ले जाया गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। बाद में पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर तहसीलदार के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।
विकास अधिकारी कुमुद सोलंकी ने प्रशासक के खिलाफ शराब के नशे में कार्यालय में आकर गाली-गलौच करने, उत्पात मचाने और राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करवाया है। घटना के विरोध में विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रशासकों और जनप्रतिनिधियों ने पंचायत राज मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और तहसील कार्यालय में धरने पर बैठ गए।
प्रशासक के साथ हुई बदसलूकी के विरोध में ग्राम पंचायत ओडिंट के प्रशासक गणेशाराम चबराल, ढींगसरी की प्रशासक धनीदेवी, मालगांव के प्रशासक मूलाराम मेघवाल, जसवंतगढ़ की प्रशासक बिड़दीदेवी प्रजापत, सुनारी ग्राम पंचायत की प्रशासक धनीदेवी कालेरा, बालसमंद के बेगाराम पूनिया, बाकलिया की प्रशासक मंजू ठोलिया, निम्बी जोधां की प्रशासक सुमन खीचड़, आसोटा के प्रशासक हरदयाल रूलानिया, गैनाणा के मनोज डारा, ओमप्रकाश, चैनाराम सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रशासकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को न्याय नहीं मिला तो उनका संघर्ष जारी रहेगा। ज्ञापन की प्रति जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को भेजकर न्याय की मांग की गई है।
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कसुम्बी प्रशासक शराब के नशे में कार्यालय में आए और मेरे साथ गाली-गलौच करते हुए अश्लील शब्दों का प्रयोग किया तथा धमकियां दीं। मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। कसुम्बी ग्राम पंचायत का कोई बिल बकाया नहीं है। जांच होने पर पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
कसुम्बी प्रशासक गिरधारीराम राहड़ के खिलाफ बीडीओ की ओर से लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। फोन पर सूचना मिलने पर थानाधिकारी पंचायत समिति कार्यालय पहुंचे, जहां से राहड़ को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। थानाधिकारी शिम्भूदयाल पर जनप्रतिनिधि के साथ बदसलूकी के आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
25 Mar 2026 09:07 pm
Published on:
25 Mar 2026 09:06 pm
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