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कोटा में पुलिस की बर्बरता: BJP नेता को थाने में पट्टे से पीटा, थप्पड़ मारे, ‘कहा आज तेरी नेतागिरी निकालते हैं’…

Kota Police News: मैं गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उन्होंने मुझे गाल पर थप्पड़ मारे और हाथों व कमर से नीचे 10 से 12 पट्टे बरसाए। अगर एक अन्य कांस्टेबल बीच-बचाव न करता, तो वे मुझे अधमरा कर देते।"

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कोटा

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Jayant Sharma

Feb 24, 2026

बीजेपी नेता के हाथों, पीठ, कमर और निचले हिस्से में नील के निशान हैं

BJP Leader Beaten in Rajasthan: राजस्थान के कोटा जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ उद्योग नगर थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मियों पर भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष और कैटरिंग व्यवसायी हनुमान गौतम के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित का आरोप है कि उन्हें थाने के भीतर बेल्ट (पट्टे) से बुरी तरह पीटा गया, जिससे उनके शरीर पर गहरे जख्म बन गए हैं।

मामले की जड़: मजदूरी का विवाद

घटना की शुरुआत हनुमान गौतम के कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े एक विवाद से हुई। जानकारी के अनुसार, कुन्हाड़ी इलाके में एक साइट पर काम के दौरान लेबर को पेमेंट ठेकेदार द्वारा किया जाना था। ठेकेदार का फोन बंद होने के कारण मजदूरों ने हनुमान गौतम के घर और ऑफिस पर पहुंचकर हंगामा और मारपीट की। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वे दो मैनेजरों को पकड़कर थाने ले आई। इसी मामले की शिकायत दर्ज कराने और सबूत दिखाने जब हनुमान गौतम उद्योग नगर थाने पहुंचे, तो वहाँ न्याय के बदले उन्हें पुलिसिया प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।

"आज तेरी नेतागिरी निकालते हैं"

पीड़ित हनुमान गौतम ने बताया कि जब वे ड्यूटी ऑफिसर को अपने मोबाइल में मजदूरों द्वारा भेजे गए धमकी भरे मैसेज दिखा रहे थे, तभी कांस्टेबल धर्मेंद्र, घमंडी और गिरिराज वहां आए। उन्होंने बाल पकड़कर उन्हें पीछे खींचा और मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित के अनुसार: "कांस्टेबल धर्मेंद्र नशे में धुत था। वे तीनों कह रहे थे कि तू बहुत नेतागिरी करता है, आज तेरी नेतागिरी निकाल देते हैं। मैं गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन उन्होंने मुझे गाल पर थप्पड़ मारे और हाथों व कमर से नीचे 10 से 12 पट्टे बरसाए। अगर एक अन्य कांस्टेबल बीच-बचाव न करता, तो वे मुझे अधमरा कर देते।"

प्रशासन की कार्रवाई

मारपीट के बाद अगले दिन हनुमान गौतम ने आईजी राजेंद्र प्रसाद गोयल को अपने शरीर पर लगी चोटें दिखाईं और आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने तत्काल प्रभाव से तीनों आरोपी कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया है। प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी डीएसपी रुद्र प्रकाश शर्मा को सौंपी गई है। उद्योग नगर थाना हाल के दिनों में विवादों के घेरे में रहा है। इससे पहले भी यहाँ के कांस्टेबल मनीष यादव को लूट और अपहरण के मामले में बर्खास्त किया जा चुका है। ताजा घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली और आमजन के प्रति उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।