
नागौर. शहर के बाजरवाड़ा क्षेत्र के बड़ी मस्जिद की गली में गत दिनों दूषित पेयजलापूर्ति को लेकर हो हल्ला मचा लेकिन जिम्मेदारों के कान पर जंू तक नहीं रेंगी। जिम्मेदारों को पानी के सेम्पल लेने की फुर्सत मिलती उससे पहले ही बाजरवाड़ा क्षेत्र के ही कंदोई गली समेत आसपास के घरों में नलों में आ रहे गंदे पानी पीने से लोग बीमार हो गए। मोहल्ले के बुजुर्ग लोगों का कहना है कि नलों से आ रहा दूषित पानी पीने से छोटे व बड़े सब बीमार हो रहे हैं। कई बार बताने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
सेहत बिगाड़ रहा दूषित पानी
जलदाय विभाग द्वारा शहरवासियों को पिलाया जा रहा पानी शुद्ध नहीं है। विभाग के आंकड़ें खुद हकीकत बयां कर रहे हैं और नागौर शहर में आए दिन गंदा व दूषित पानी आपूर्ति की शिकायतें आती रहती है। दूषित पानी पीकर लोग बीमार भी हो रहे हैं। जलदाय विभाग की प्रयोगशाला में केमिकल व जीवाणु के लिए पानी के नमूनों की जांच में गत तीन साल में लिए गए हजारों नमूनों में से करीब एक हजार नमूने स्वास्थ्य की दृष्टि से तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। मटमैला पानी पीने से उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायतें मिल रही है।
हकीकत बयां करते आंकड़ें
जलदाय विभाग की ओर से गत तीन वर्षों में जीवाणु जांच के 7230 और रासायनिक जांच के 3003 नमूने लिए। इनमें जीवाणु जांच के 310 नमूने फेल हो गए जबकि रासायनिक जांच के 1069 में किसी प्रकार की कमी पाई गई। वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग ने पानी के1550 सेम्पल लिए, जिनमें से 52, वर्ष 2017 में जुलाई तक लिए गए 750 सेम्पल में से 20 सैम्पल फेल हुए। इन सैम्पलों की जांच जलदाय विभाग को सौंपी गई है। घरों में की जा रही दूषित पानी की जलापूर्ति के चलते जलजनित बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
बाजरवाड़ा क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से दूषित पानी आ रहा है। बदबूदार व दूषित पानी सेवन से मेरी बच्ची बीमार है।
अंजू शर्मा,गृहिणी, कंदोई गली
घरों में गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है। दूषित पानी पीने से छोटे बच्चे व बड़े लोग तक बीमार हो गए हैं।
निर्मला, गृहिणी, बाजरवाड़ा
पिछले कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। बच्चे बीमार है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सलमान, निवासी,बाजरवाड़ा