
नागौर. हर घर में उजाला करने का दावा करने वाली सरकार की लापरवाही से जरुरतमंद के घर को रोशनी का इंतजार है। विद्युत मीटर के अभाव में जिले भर में करीब पांच हजार आवेदकों के घरों में अंधेरा है। सरकार से अनुबंधित फर्म की ओर से समय पर विद्युत मीटर की आपूर्ति नहीं करने से जिले भर के 20 सहायक अभियंता कार्यालयों में करीब पांच हजार उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन नहीं हो रहे हैं। इसके अलावा जले हुए मीटर व अन्य तकनिकी कारणों से खराब मीटर भी नहीं बदले जा रहे हंैं।
समय पर नहीं हो रही आपूर्ति
जानकारी के अनुसार नागौर जिले के लिए गत दिनों 5200 मीटर आए, जिनमें से 2500 आरजीवाई के लिए आवंटित कर दिए गए जबकि इनमें से 2700 जॉब वर्क वाले कनेक्शन के लिए दिए गए, लेकिन ये मीटर पूरे जिले के दायरे को देखते हुए नाकाफी है। अकेले नागौर शहर में 500 व ग्रामीण क्षेत्र में 600 नए कनेक्शन लम्बित है। सरकार से अनुबंध के आधार पर फर्म अजमेर स्टोर में मीटर भिजवाती है और वहां से नागौर भेजे जाते हैं लेकिन पिछले एक महीने से मीटर की आपूर्ति समय पर नहीं हो रही है।
उपभोक्ताओं पर पड़ता है भार
बड़ी संख्या में मीटर खराब होने से औसत बिल भेजे जाने की शिकायतें मिलती है। खराब विद्युत मीटर बदलने की गति धीमी चल रही है। नागौर शहरी क्षेत्र के लिए मिले नए मीटर से ऑर्डर जारी हो चुके आवेदकों के तो विद्युत कनेक्शन हो जाएंगे लेकिन मीटर जलने या किसी तकनिकी कारण से बदलने के लिए मीटर उपलब्ध नहीं है। आवेदन करने के बाद डिमांड जमा करवाया जाता है। उसके बाद विभाग की ओर से कनेक्शन ऑर्डर जारी किया जाता है लेकिन नए मीटर के अभाव में लोगों के घरों में उजाला नहीं हो पाता है।
करवा रहे हैं नए कनेक्शन
एक दिन पहले ही नए मीटर मिले हैं, जिनसे नागौर शहरी क्षेत्र में नए कनेक्शन हो जाएंगे। खराब व तकनिकी कमी के कारण बंद पड़े मीटर बदलने के लिए मीटर आने का इंतजार करना पड़ेगा।
एमआर मीणा, सहायक अभिंयता, डिस्कॉम शहर