नागौर

बासनी आरओबी का धणी कौन, पता नहीं, लम्बे समय से नहीं हो पाई सड़क की मरम्मत, देखिए तस्वीरें

आरओबी की सडक़ जगह-जगह से टूटी सडक़, होने लगे हादसे

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Dec 16, 2024

नागौर. शहर के सबसे पहले व 60 साल पुराने मॉडल से बने बासनी आरओबी पर भले ही पिछले 15 साल से यातायात चालू है, लेकिन इसका ‘धणी’ कौन है, इसको लेकर ‘कन्फ्यूजन’ वाली स्थिति है। यही कारण है कि आरओबी पर डामर सडक़ का लम्बे समय से नवीनीकरण नहीं हो पाया है। बिना मरम्मत इतने साल तक तो ‘धिक’ गया, लेकिन अब सडक़ जगह-जगह से टूट चुकी है। कई जगह एक लेयर उखडकऱ नीचे की लेयर निकल गई है, जिसके कारण हादसे होने लगे हैं। वाहन चालक गड्ढ़ों से बचने के लिए वाहनों को गलत दिशा में ले जाते हैं और सामने से आ रहे वाहन चालकों से टक्कर हो जाती है। शनिवार को ही एक मोटरसाइकिल सवार को कार चालक ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। ऐसे में वर्तमान में आरओबी की क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत करवाना आवश्यक हो गया है अन्यथा भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।

बासनी आरओबी की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है

कलक्टर बैठक में उठ चुका मुद्दा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बासनी आरओबी को लेकर पिछले दिनों जिला कलक्टर की बैठक में मुद्दा उठा था। कलक्टर ने आरओबी का रंग रोगन करवाने व मरम्मत की बात की तो सवाल यह खड़ा हुआ कि यह काम कौन करवाएगा। आरओबी का धणी कौन है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से कहा तो उन्होंने बताया कि आरओबी का निर्माण आरएसआरडीसी ने करवाया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर अब तक नहीं किया है। वहीं आरएसआरडीसी के अधिकारी ने बताया कि जब आरओबी का निर्माण हुआ, उस समय नागौर में ऑफिस नहीं था, इसलिए इसका रिकॉर्ड यहां नहीं है। पीडब्ल्यूडी कार्यालय में भी हैंडओवर से संबंधित कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसे में बात आई-गई हो गई।

नगर परिषद ने करवाया था रंग-रोगन

करीब छह-सात साल पहले नगर परिषद ने आरओबी पर रंग रोगन करवाकर चित्र बनवाए थे। शहर के सौंदर्यकरण को लेकर नगर परिषद ने यह कार्य करवाया था, लेकिन हैण्डओवर नगर परिषद को भी नहीं है। पहले बासनी की ओर से तेज गति आने वाले वाहन कई बार सामने की दीवार से टकरा जाते थे, जिससे सुरक्षा दीवार बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही थी। आखिर में कलक्टर के निर्देश पर नगर परिषद ने सुरक्षा दीवार का बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाला हिस्सा आरसीसी का बनवाया था।

बासनी आरओबी की डामर सड़क टूटने के बाद आरसीसी भी टूट गई है और सरिये बाहर निकल आए हैं

शुरू से ही विवादों में रहा आरओबी

सर्किट हाउस से मानासर जाने वाली सडक़ से बासनी की ओर जाने वाली सडक़ को जोडऩे के लिए ‘टी’ आकार में बनाया गया यह आरओबी शुरू से ही विवादों में रहा। 60 साल पुराने मॉडल के अनुसार बनाए गए इस आरओबी ने एक ओर जहां शहर के सौंदर्यकरण पर दाग लगा दिया, वहीं शहर की सबसे बड़ी सडक़ को खत्म कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस आरओबी को पिलर पर खड़ा किया जाता तो शहर में पार्किंग की बड़ी समस्या का समाधान हो सकता था, लेकिन मिट्टी का आरओबी बनाकर पहाड़खड़ा कर दिया। खास बात यह है कि इस आरओबी का अब तक उद्घाटन भी नहीं हुआ है।

हमें हैंडओवर नहीं

बासनी आरओबी का निर्माण आरएसआरडीसी ने करवाया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर नहीं किया, इसलिए हम मरम्मत नहीं करवा सकते।

- बस्तीराम डिडेल, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी, नागौर

पता करवाते हैं

बासनी आरओबी का जब निर्माण किया गया था, उस समय आरएसआरडीसी का कार्यालय नागौर में नहीं था, इसलिए पुराना रिकॉर्ड यहां नहीं है। आरओबी हैंडओवर हुआ या नहीं, इस बारे में पता करवाएंगे। वैसे नगर परिषद ने एक-दो बार मरम्मत करवाई थी।

- केसाराम पंवार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आरएसआरडीसी, नागौर

आरओबी पर दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक का शव परिजनों को सौंपा

शहर के बासनी आरओबी पर शनिवार को रात को कार की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई। कोतवाली पुलिस के अनुसार रात करीब साढ़े दस बजे बांसड़ा निवासी जगदीश पुत्र रामनिवास जाट बासनी चौराहा से मोटरसाइकिल पर गांव जा रहा था। आरओबी पर सामने से तेज गति से आए कार चालक ने उसे टक्कर मार दी, जिससे वह उछलकर खादी ग्रामोद्योग कार्यालय के सामने नीचे जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दुर्घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर दोनों वाहन जब्त किए तथा शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सुपुर्द किया। मृतक के चाचा मेहराम ने कार चालक के खिलाफ लापरवाही व तेज गति से वाहन चलाकर दुर्घटना कारित करने की रिपोर्ट दी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

Published on:
16 Dec 2024 12:28 pm
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