
राजस्थान विधानसभा चुनाव प्रचार का रंग दिवाली और रामा-श्यामा पर भी नजर आया। इस बार दीपावली पर आतिशबाजी से ज्यादा चुनावों का शोर रहा। हर किसी की जुबान पर चुनाव की चर्चा थी। दीपावली के दूसरे दिन सोमवार को राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच रामा-श्यामा का दौर चला तो प्रत्याशी भी इसमें पीछे नहीं रहे। दो दिन तक शहर के साथ गांवों में दीपावली की शुभकामनाएं देने के साथ रामा-श्यामा के बहाने प्रत्याशी गांव-गांव, घर-घर पहुंचे तथा दीपावली की शुभकामनाएं देने के साथ समर्थन भी मांगा। वहीं लोगों के बीच सिर्फ चुनावी चर्चा ही मुख्य मुद्दा रही। इस दौरान लोग घरों में होने पर अधिक से अधिक जनसम्पर्क का जोर रहा।
प्रवासियों से भी हो गई मुलाकात
राजस्थान के हृदय स्थल में बसे नागौर जिले में चुनावी प्रचार-प्रसार ने दीपावली से ही जोर पकड़ा है और अब धीरे-धीरे परवान चढ़ रहा है। चुनाव से पहले लोगों से मेल मिलाप को लेकर दिवाली व रामा-श्यामा प्रत्याशियों के लिए फायदा का सौदा रहा। घरों से दूर कमाने गए प्रवासी लोग भी दिवाली पर घर पहुंचे तो किसान, आमजन भी दो दिन घरों पर ही मिले। ऐसे में अधिकांश प्रत्याशियों ने इन दो दिन को प्रचार-प्रसार के लिए चुना। दिवाली और रामा-श्यामा पर लोगों से मिलने लगभग सभी प्रत्याशी पहुंचे। ऐसे में गांव-गांव जनसभाओं का दौर चला। हर उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ पहुंचा और अपनी बात रखी।
चुनावी चर्चा के साथ हुए दीपावली के रामा-श्यामा
नागौर सहित सहित जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में भी बीजेपी-कांग्रेस सहित अन्य दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच दीपावली पर्व की एक-दूसरे को बधाई देते व रामा-श्यामा करते नजर आए। प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय उम्मीदवारों के आवास पर भी समर्थक और कार्यकर्ता दीपावली की बधाई देने पहुंचे, जहां प्रत्याशियों ने भी कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं व वोटों के समीकरण जाने।