
डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि करीब पांच माह में सभी जगहों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा। मीटर लगने के बाद रिडिंग की आए दिन शिकायतों पर विराम लगने की उम्मीद जताई गई है। मीटर में प्रीपेड एवं पोस्ट पेड के दो ऑप्शन में से कोई भी एक आप्शन उपभोक्ता चुन सकता है। मीटर लगने के बाद फिर रिडिंग इलेक्ट्रानिक सिस्टम पर ऑटोमेटिक होती रहेगी।
डिस्कॉम ने गत जून माह से नागौर, कुचामन, नावां, मकराना एवं परबतसर में उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज किया है। मीटर लगाने का काम भारत सरकार की उपक्रम कंपनी डब्लूएसएल डिस्कॉम की देखरेख में कर रही है। साथ में एक अन्य कंपनी कार्वी भी इसी में लगी हुई है। नागौर शहर में कुल 21 टीमें स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। घरों एवं कार्यालयों आदि में यह क्षेत्रवार मीटर लगाने के काम जुटे हैं। शहर में उपभोक्ताओं की संख्या करीब 22 हजार 350 है। हालांकि अब तक तीन हजार से ज्यादा मीटर लग चुके हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की ज्यादा संख्या को देखते हुए इसमें और तेजी लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में कलक्ट्रेट से लेकर गांधी चौक तक घरों में मीटर लगाने के बाद अब अजमेरी गेट, करणी कॉलोनी सहित दो दर्जन से अधिक अन्य क्षेत्रों में भी स्मार्ट लगने का काम चालू हो गया है।
मोबाइल पर ही मिल जाएगा बिजली बिल
स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को प्रतिदिन बिजली खपत की जानकारी उनके खुद के मोबाइल पर मिल जाएगी। यही नहीं, अब मीटर रीडिंग के लिए डिस्कॉम की ओर से कोई नहीं आएगा। इलेक्ट्रानिक डिवाइस पर हुई रीडिंग को आधार बनाकर बिजली का बिल दिया जाएगा। मीटर में बीएसएनएल की सिम लगी रहेगी। मीटर से छेड़छाड़ की कोशिश होने पर भी यह सूचना निकटवर्ती विद्युत केन्द्र सहित जिला स्तरीय कार्यालय में पहुंच जाएगी। उपभोक्ताओं को यह सुविधा रहेगी कि वह घर में जलती लाइट छोडकऱ गए हैं तो मोबाइल के माध्यम से सबस्टेशन से संपर्क कर बिजली की आपूर्ति बंद कराई जा सकती है।
शिकायत डिस्कॉम में ही होगी
मीटर से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत उपभोक्ता डिस्कॉम में कर सकता है। हालांकि संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि भी नागौर बैठेंगे, लेकिन उपभोक्ताओं की मीटर संबंधी शिकायतें डिस्कॉम के माध्यम से ही इनके पास जाएगी। मीटर की करीब दस साल तक गारंटी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि एक बार पूरे जिले में स्मार्ट मीटर लगने का काम पूरा होने के बाद फिर कागजों का बिल आना भी बंद हो जाएगा।
इनका कहना है...
नागौर शहर में अब तक तीन हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लग चुके हंै। इसे लगाने के लिए संबंधित कंपनी की ओर से कुल 21 टीमें लगी हुई हैं। शेष उपभोक्ताओं के यहां भी चार से पांच माह में स्मार्ट मीटर लग जाएंगे।
अर्जुनसिंह राठौड़, सहायक अभियंता, डिस्कॉम, नागौर