मुख्य सडक़ों को चमकाने में जुटी टीमें, कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था बेपटरी, ऐसे में कैसे बढ़ेगी स्वच्छ सर्वेक्षण में रेंकिंग
नागौर. स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरों को सुंदर बनाने की कवायद जारी है। नगर परिषद की टीम नागौर की रेंकिंग में सुधार के लिए दिन रात शहर की सडक़ों को चमकाने में लगी है। स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइडलाइन के अनुरूप कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसमें हकीकत कम दिखावा ज्यादा है। नगर परिषद के कर्मचारियों की फौज शहर के मुख्य चौराहों, मुख्य सडक़ों को चमकाने में लगी है, जबकि कॉलोनियों व शहर में खाली भूखंडों में गंदगी के ढेर व्यवस्था को चिढाते नजर आ रहे हैं।
नहीं हुई महीनों से सफाई
आगामी 4 जनवरी से नागौर शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए टीम नागौर में होगी। टीम सर्वे के लिए निर्धारित मापदंडों के आधार पर नागौर की रेंकिंग के लिए अंक भी देगी। इसमें गिले व सूखे कचरे का निपटान, कचरे का निस्तारण, लोगों की भागीदारी, साफ-सफाई, शौचालयों का उपयोग, कचरा परिवहन व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति समेत अन्य बिन्दु शामिल है। काफी हद तक नगर परिषद इन बिन्दुओं को आधार मानकर पिछले कुछ दिनों से कार्य कर रही है। इसके बावजूद नगर परिषद का ध्यान उन स्थानों पर नहीं पड़ा, जहां पिछले एक साल में सफाई हुई ही नहीं।
यहां नहीं पड़ती इनकी नजर
स्वच्छ सर्वेक्षण से दो दिन पहले पत्रिका टीम ने शहर के अलग-अलग भागों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो चौंकानें वाली स्थिति देखने को मिली। सोनी जी की बाड़ी, बासनी रोड औद्योगिक क्षेत्र, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रोड, कुम्हारी दरवाजा क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी के ढेर मिले वहीं कई ऐसी जगह भी देखने को मिली जहां नगर परिषद कर्मचारियों की नजर नहीं पड़ती, लेकिन केन्द्रीय सर्वे टीम पूरे शहर में अलग-अलग पहलू से निरीक्षण कर अंक देगी, ऐसे में रेंकिंग पर असर पड़ सकता है।
नहीं होती एप की मॉनीटरिंग
अति उत्साही नजर आ रहे नगर परिषद में सफाई शाखा से जुड़े जिम्मेदार काम करने में कम व प्रचार में ज्यादा भरोसा करते हैं। शायद यही कारण है कि सफाई व्यवस्था को लेकर चौतरफा हल्ला मचाने के बाद भी सफाई नहीं होने, कचरा टेक्सी नहीं आने व सार्वजनिक शौचालयों की खस्ताहाल स्थिति की शिकायतें स्वच्छता एप swachhata app की शोभा बढ़ा रही है। जागरूक लोगों ने एप डाउनलोड कर शिकायतें पोस्ट की लेकिन एप की शिकायतों की प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं होने से एप यूजर्स मायूस हो जाते हैं।
परिषद कर रही प्रयास
शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइडलाइन के अनुसार काम करवाया जा रहा है। अगर कहीं जरुरत होगी तो व्यवस्था में सुधार करवाएंगे ताकि नागौर को अच्छी रेंकिंग मिले।
डॉ. अमित यादव, आयुक्त, नगर परिषद, Nagaur