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नागौर… चालान पर चालान, फिर भी ट्रैफिक क्यों बेहाल…

नागौर शहर के सबसे व्यस्त विजयबल्लभ चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। पिछले तीन वर्षों में यहां 54 हजार से अधिक चालान किए गए, लेकिन सड़क पर अव्यवस्था कम नहीं हुई। बाजार क्षेत्र में बेतरतीब पार्किंग, अतिक्रमण और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। अब पुलिस केवल चालान तक सीमित नहीं रहकर समझाइश अभियान भी चलाएगी। व्यापारियों, स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग से पार्किंग के वैकल्पिक स्थान तलाशे जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि जुर्माने के साथ जागरूकता बढ़ेगी तो यातायात व्यवस्था में सुधार संभव होगा।

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Nagaur. The city's Vijayvallabh choiraha

Traffic at Vijayballabh intersection in Nagaur city

नागौर. शहर में यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन सडक़ों पर अव्यवस्था कम होती नजर नहीं आ रही। यातायात शाखा के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 से मई 2026 तक 64 हजार से अधिक एमवी एक्ट कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट की अनदेखी, गलत दिशा में वाहन चलाना और नो-पार्किंग जैसी समस्याएं बरकरार हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केवल चालान से यातायात व्यवस्था सुधर सकती है…? लगातार चालान के बाद भी स्थिति सुधरती नहीं देख अब ट्रेफिक पुलिस ने समझाइश के साथ ही पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपरिषद के साथ बातचीत कर बेहतर योजनाएं बनाने की बात कही है। ताकि व्यवस्था पटरी पर आ सके।

पिछले तीन सालों में ट्रेफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए रिकार्ड चालान किए हैं। इसमें वर्ष 2025 में बिना हेलमेट 8,707 चालान किए गए, जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं। इसी वर्ष नो-पार्किंग के 8,560 मामलों में कार्रवाई हुई। मई 2026 तक भी बिना हेलमेट 4,638 और नो-पार्किंग के 1,897 चालान किए जा चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि नियमों के प्रति लापरवाही अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।


गलत दिशा और सीट बेल्ट उल्लंघन भी चिंता का विषय
गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर वर्ष 2023 में 10,560 और 2025 में 3,556 कार्रवाई की गई। मई 2026 तक ऐसे 1,749 मामलों में चालान हुए हैं। वहीं सीट बेल्ट नहीं लगाने के मामलों में वर्ष 2025 में 1,693 तथा मई 2026 तक 977 चालान किए गए। वाहन चलाते समय मोबाइल उपयोग के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। वर्ष 2025 में 785 और मई 2026 तक 778 मामलों में कार्रवाई हुई।

नए ट्रैफिक प्लान से उम्मीद

यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए प्रमुख चौराहों पर पुलिस जाप्ता लगाया जा रहा है। विजय वल्लभ चौराहा, गांधी चौक, मानासर चौराहा, मूण्डवा चौराहा, कृषि मंडी चौराहा और थमलाई नाड़ी तिराहे पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं अठियासन, फागली पुलिया, रामदेव होटल तिराहा सहित कई स्थानों पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू कराने के लिए भी जाप्ता तैनात किया जाता है।
जागरूकता और पार्किंग सुधार पर जोर
यातायात पुलिस के अनुसार व्यवस्था को सुधारने के लिए शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम चला रही है। बाजारों में पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के लिए जिला प्रशासन और नगर परिषद के साथ समन्वय की योजना भी बनाई गई है। दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भी अभियान से जोडऩे की तैयारी है।
अधिकारी बोले…सुधारेंगे ट्रेफिक व्यवस्था
यातायात पुलिस उपाधीक्षक उम्मेद सिंह ने बताया कि कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता पर भी बराबर ध्यान दिया जा रहा है। प्रमुख चौराहों पर जाप्ता तैनात है, शिक्षण संस्थानों में अभियान चलाए जा रहे हैं तथा पार्किंग व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन और नगर परिषद के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में आमजन की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि समस्या केवल नियम तोडऩे वालों तक सीमित नहीं है। शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सडक़ें, पार्किंग स्थल और प्रमुख चौराहों की क्षमता उसी गति से नहीं बढ़ सकी। बाजार क्षेत्रों में अव्यवस्थित पार्किंग और बढ़ता दबाव भी जाम और अव्यवस्था का कारण बन रहा है।