चालीस साल पुरानी 10वीं व 12वीं मार्कशीट माइग्रेशन प्रमाणपत्र जिले के विद्यार्थी सेवा केन्द्रों से मिलेंगे, 47 साल तक पुरानी मार्कशीट सेवा केन्द्रों से ली जा सकेगी, पहले केवल 15 साल पुरानी मार्कसीट ही मिलती थी
नागौर. जिले के विद्यार्थी सेवा केन्द्र से अब 40 से 47 साल पुरानी 10वीं व 12वीं की मार्कशीट या माइग्रेशन प्रमाणपत्र लिए जा सकेंगे। पहले सेवा केन्द्रों से 15 साल तक के अवधि की ही मार्कशीट ली जा सकती थी। अब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने इसमें बदलाव करते हुए इसकी अवधि बढ़ा दी है। हालांकि मार्कशीट में अंकित तथ्यों में परिवर्तन के लिए अभ्यर्थियों को अजमेर ही जाना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों की सुविधा के लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने करीब दो साल पहले प्रदेश के जिलों में विद्यार्थी सेवा केंद खोले थे। पहले चरण में प्रदेश के 29 जिलों में यह सेवा केन्द्र खोले गए थे। इसमें 2001 से लेकर अब तक का डाटा ही सेवा केंद्रों के पोर्टल पर सुरक्षित किया गया था। यानी ऐसे लोग जिन्होंने 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा वर्ष 2001 या इसके बाद दी थी। वह इन सेवा केंद्रों पर जाकर डुप्लीकेट अंकतालिका और माइग्रेशन प्रमाण-पत्र जारी करवा सकते थे। अब इस सुविधा को और बढ़ाया गया है और वर्ष 1971 से अब तक का सारा रिकॉर्ड सेवा केंद्रों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब अजमेर बोर्ड ने 1971 के बाद का सारा डाटा ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में 1991 से लेकर 2018 तक की सारी अंकतालिकाएं सेवा केंद्र पर उपलब्ध हैं। अगले कुछ सप्ताह में 1971 के बाद का सारा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा। ताकी विद्यार्थियों को अपने प्रमाण.पत्रों के लिए अजमेर न जाना पड़े। प्रतिलिपि अंकतालिका और माइग्रेशन प्रमाण.पत्र के लिए सेवा केंद्रों पर विद्यार्थियों से दो सौ रुपए शुल्क जमा किया जाता है।
मार्कशीट में
संशोधन तो, फिर अजमेर जाना पड़ेगा
दस्तावेज में किसी भी तरह का संशोधन अजमेर से ही हो पाएगा। विद्यार्थी सेवा केंद्र से सिर्फ मार्कशीट और प्रमाण.पत्र ही जारी किए जाएंगे। किसी भी तरह के सुधार के लिए विद्यार्थियों या उनके परिजनों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर में ही संपर्क करना होगा। सेवा केंद्रों पर सुधार संबंधी कार्यों की सुविधा अभी तक शुरू नहीं की गई है।