
-अश्व वंश की भी हुई बेहतर आवक, दुकानों पर भी उमड़ रही भीड़
नागौर. रामदेव पशु मेला में इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा अब तक डेढ़ हजार से ज्यादा पशु आ चुके हैं। इस वर्ष अब तक 7296 पशु आ चुके हैं। जबकि गत वर्ष पूरे मेला के दौरान केवल 5696 पशुओं की ही आवक हुई थी। पशुओं की बेहतर आवक होने के साथ ही मेला में लोगों की जमकर भीड़ भी उमड़ रही है। दुकानों पर खरीदारी होने से दुकानदार भी उत्साहित नजर आने लगे हैं।
वर्ष 2024 में रामदेव पशु मेला काफी अन्य वर्षों की अपेक्षा काफी बेहतर रहा। पशु पालन विभाग के अनुसार इस वर्ष पशु मेला में अब तक आए हुए पशुओं में सर्वाधिक संख्या गोवंशों रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार गोवंशों की संख्या 1321 ज्यादा रही है। पिछले साल भैंस वंश एवं ऊंटों की संख्या ज्यादा थी। इस वर्ष भैंस वंश तो पचास प्रतिशत कम आए हैं, लेकिन ऊंटों की संख्या भी गत वर्ष से केवल 99 की संख्या कम है। पशु पालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अब पशुओं की आवक लगभग थम गई है, लेकिन फिर भी यह आंकड़े बढ़ सकते हैं। मेला में पिछले साल तो रौनक ही नहीं थी, मगर इस बार मेला में पशुओं की आवक के साथ ही लोगों की भीड़ भी जमकर उमड़ रही है। इससे साफ है कि इस साल का रामदेव पशु मेला अब तक गत वर्ष की अपेक्षा काफी बेहतर स्थिति में रहा है।
आवक पर एक नजर
पशु वर्ष 2023 वर्ष 2024
ऊंट 2664 2565
गोवंश 2688 4009
भैंसवंश 344 171
अश्व 0 541
पिछले साल के मेला में इसलिए नहीं आए थे घोड़े
पशु पालन विभाग के अनुसार पिछले वर्ष प्रदेश के चार जिलों में ग्लेण्डर्स के चलते घोड़ों के आने पर रोक लगा दी गई थी। इसलिए पिछले वर्ष में रामदेव पशु मेला के आंकड़ों में घोड़ों की संख्या शून्य रही।
दुकानों पर भीड़, मेला गुलजार
रामदेव पशु मेला में पशुओं की संख्या गत वर्ष से ज्यादा होने के साथ ही दुकानों पर भीड़ भी ज्यादा उमड़ रही है। रविवार को भी रामदेव पशु मेला लोगों की चहल-पहल से गुलजार रहा। मेला परिसर के अंदर एवं बाहर लगी दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ नजर आई। लंबे समय के बाद दुकानों पर भीड़ से दुकानदार भी प्रसन्न रहे।हालांकि मेला में झूले एवं फूड स्टॉलें ज्यादा नहीं लगी नजर आई, लेकिन मेला परिसर की दीवारों से सटे एरिया में लगी फूड स्टॉलों पर बच्चों एवं महिलाओं की भीड़ रही। पशुओं की साज-सज्जा एवं कृषि यंत्रों से संबंधित दुकानों पर भी दुकानदार खरीदारों की भीड़ के चलते व्यस्त रहे। पशुओं की साज-सज्जा से संबंधित सामानों के विक्रेता प्रभु ने बताया कि वह पिछले साल भी आए थे, लेकिन इस बार की बिक्री के चलते वह काफी उत्साहित हैं। इन्होंने बताया कि भीड़ तो इस बार नजर आ रही है। पिछले साल तो पूरा मैदान ही लगभग सूना नजर आता था।
इनका कहना है...
पिछले साल की अपेक्षा वर्ष मेला में पशुओं की आवक बेहतर होने के साथ ही लोगों की भीड़ भी उमड़ी है। इस साल का मेला अब तक काफी बेहतर रहा है।
डॉ. महेश कुमार मीणा, रामदेव पशु मेला अधिकारी नागौर