नागौर

आखिर ऐसा क्या हुआ कि कलक्टर को देने पड़े कुम्हारी में 2 साल के कार्यों की जांच के आदेश…

राजस्थान के नागौर जिले की कुम्हारी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितता पर ग्रामसेवक व जेटीए पर गिर सकती है गाज

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Apr 13, 2018
नावां से जाब्दीनगर के मार्ग पर हुए गहरे गड्ढे।

नागौर. केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत कुम्हारी ग्राम पंचायत में करवाए गए विकास कार्यों की जांच होगी। इस संबंध में NAGAUR जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कुम्हारी व गोवा के वार्डों में बनी सडक़ों में घटिया गुणवत्ता की सामग्री काम में लिए जाने की शिकायत जिला जन अभाव अभियोग एवं सतर्कता समिति में दर्ज होने के बाद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से इसकी जांच करवाई गई। जांच में शिकायत वाले स्थान पर सडक़ निर्माण में कार्य निम्न गुणवत्ता का पाया गया।
सडक़ों की स्थिति खराब
समिति में दर्ज शिकायत में परिवादी का कहना था कि ग्राम पंचायत में निर्मित सडक़ों में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। उसने एक ही वार्ड में स्थान विशेष की शिकायत की है और वहां पर सडक़ों की स्थिति खराब है। परिवादी ने जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम से कहा कि यदि ईमानदारी से जांच की जाए तो दूसरी सडक़ों की स्थिति इनसे भी बदतर मिलेगी। इस पर कलक्टर कुमारपाल गौतम ने अतिरिक्त जिला कलक्टर को निर्देश दिए कि कुम्हारी में दो साल में हुए विभिन्न कार्यों की जांच जिला परिषद के मनरेगा व पंचायती राज विभाग के अधिशासी अभियंता से इसकी जांच करवाने क निर्देश दिए।
सख्ती से पेश आएं अधिकारी
जिला कलक्टर कुमारपाल गौतम ने कहा कि कुम्हारी ग्राम पंचायत के ग्रामसेवक व जेटीए के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। कलक्टर कुमार पालगौतम ने सभी विकास अधिकारियों व उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में खराब गुणवत्ता का कार्य काफी गंभीर मामला है। इस मामले में अधिकारी सख्ती से पेश आएं और लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करें। गौरतलब है कि जिले भर में विभिन्न योजनाओं के हो रहे कार्यों में गुणवत्ता युक्त कार्य नहीं होने की शिकायतें आम बात है, लेकिन संबंधित के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से हौसले बुलंद है।

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Published on:
13 Apr 2018 06:06 pm
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