
प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका
नागौर। जिले के सेणी गांव में वर्ष 2011 में हुए जानलेवा हमले के मामले में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। करीब 15 साल बाद आए इस निर्णय में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-02, नागौर ने छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार को इस फैसले से राहत मिली है।
यह घटना 7 जुलाई 2011 की है। उस दिन गांव में एक नीम के पेड़ के पास खड़े युवक पर पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोपियों ने पत्थरों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। शोर सुनकर जब परिजन उसे बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 38 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपियों की संलिप्तता को साबित माना।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश कुसुम सिंह ने बालाराम, भाकराम, सुरेश, बुदाराम, रामलाल और रायसर को दोषी करार दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 326/149 के तहत सभी को सात साल का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा और जुर्माना निर्धारित किया गया।
इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिहाज से एक सख्त संदेश माना जा रहा है। वहीं, पीड़ित परिवार ने संतोष जताते हुए कहा कि भले ही न्याय मिलने में लंबा समय लगा, लेकिन अंततः उन्हें न्याय मिल ही गया।
Published on:
05 May 2026 07:39 pm
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