
नागौर. रामपोल चौराहा से आर्य समाज की ओर जाने वाला लंबे समय से इस सडक़ की न तो मरम्मत हुई है और न ही इसका पुनर्निर्माण कराया गया है। हालात ऐसे हैं कि वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मौके की तस्वीरें खुद स्थिति बयां कर रही हैं। सडक़ की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। कई स्थानों पर सडक़ इतनी खराब हो चुकी है कि यह कंकाल जैसी दिखाई देती है, जहां सिर्फ पत्थर और धूल बची है। इस मार्ग पर सबसे ज्यादा जोखिम दोपहिया वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। अचानक गड्ढा आने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है, जब गड्ढे साफ दिखाई भी नहीं देते। यह मार्ग शहर के अंदरूनी हिस्सों को जोडऩे वाला प्रमुख रास्ता है, जहां रोजाना स्थानीय लोग, बच्चे और बुजुर्ग आवाजाही करते हैं। बावजूद इसके लंबे समय से सडक़ की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सडक़ की वर्तमान स्थिति सीधे-सीधे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। सवाल यही उठता है कि क्या जिम्मेदार किसी दुर्घटना के बाद ही जागेंगे, या समय रहते इस सडक़ को ठीक किया जाएगा।
जनता बोली…सो रहे जिम्मेदार
इस सडक़ से रोज गुजरना जोखिम भरा हो गया है, कई बार वाहन फिसलने की स्थिति बनती है। आए दिन वाहन यहां पर फिसलते रहते हैं। सडक़ ऐसी हो गई है कि पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। सडक़ खराब होने की वजह से इस पूरे क्षेत्र में मेहमानों का किसी के घर आना ही मुश्किल हो गया है।
इल्मूद्दीन, रामपोल चौराहा
शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं…
कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई मरम्मत नहीं हुई, जिससे लोगों में नाराजगी है। यह पूरी सडक़ ही उखड़ चुकी है। दोपहिया वाहनों का तो चलना ही मुश्किल हो गया है। बरसात में तो हालत और ज्यादा खराब हो जाती है।
गोविंदराम, रामपोल चौराहा
मेहमान तक आने से कतराने लगे…
हादसा हो सकता है…
अगर जल्द ही सडक़ ठीक नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। रात्रि में कई बार हॉस्पिटल जाना पड़ता है तो फिर यह सडक़ ही रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बन जाती है। इस सडक़ से ज्यादा अच्छी तो गांव की सडक़ें होती हैं। ऐसी खराब सडक़ पर उनके लिए सफर करना मुश्किल है। बच्चे आए दिन चोटहिल होते रहते हैं।
भरत कंसारा, रामपोल चौराहा
सडक़ घेरकर निर्माण , कार्रवाई सिर्फ 500 रुपए की! नागौर में नियमों का मजाक
कई दिन तक बाधित रहा रास्ता, अब हटी सामग्री, लेकिन सख्ती नहीं दिखी
नागौर. शहर के राठोड़ी कुआं से लोहारपुरा जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई दिनों से निर्माण सामग्री के ढेर लगे होने से रास्ता लगभग बंद हो गया था। राहगीरों और वाहन चालकों को मजबूरी में संकरे रास्तों से निकलना पड़ रहा था। नगर परिषद ने आखिरकार मौके पर पहुंचकर सामग्री हटवाई, लेकिन कार्रवाई की गंभीरता वहीं खत्म हो गई, जब जुर्माना महज 500 रुपए का लगाया गया। जबकि पूरे मार्ग पर निर्माणाधीन भवन की सामग्री इस तरह फैलाई गई थी कि सडक़ का बड़ा हिस्सा कब्जे में आ गया। न तो आवाजाही की व्यवस्था छोड़ी गई, और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम किए गए। यह स्थिति सीधे-सीधे सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी का मामला है, लेकिन कार्रवाई का स्तर उसके उलट बेहद हल्का नजर आया।सबसे बड़ा सवाल यही है कि कई दिनों तक सार्वजनिक मार्ग बाधित करने पर महज 500 रुपए का जुर्माना क्या संदेश देता है…? क्या इतनी छोटी राशि से नियम तोडऩे वालों में कोई डर पैदा होगा…? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की नाममात्र कार्रवाई से अव्यवस्था पर रोक लगना मुश्किल है।
खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत, लेकिन आधी-अधूरी कार्रवाई
इस मुद्दे को मंगलवार को प्रकाशित खबर में प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद नगर परिषद हरकत में आई और एक स्थान पर कार्रवाई भी हुई, लेकिन शहर के अन्य हिस्सों में जहां इसी तरह निर्माण सामग्री सडक़ों पर पड़ी है, वहां स्थिति जस की तस बनी हुई है। यानी कार्रवाई हुई भी तो सीमित और औपचारिक।
मालानी अध्यक्ष, ललवानी सचिव बने
नागौर. भारत विकास परिषद के सत्र 2026-27 के लिए नवीन कार्यकारिणी एवं सहयोगी सदस्यों की घोषणा की गई है। शाखा अध्यक्ष रामानुज मालानी ने बताया कि नवगठित कार्यकारिणी में आनंद अग्रवाल को शाखा संरक्षक, रामानुज मालानी को शाखा अध्यक्ष, सुभाष ललवानी को शाखा सचिव और विकास सोनी को शाखा कोषाध्यक्ष बनाया गया है। विभिन्न प्रकल्पों के लिए शाखा संयोजकों में संपर्क के लिए चरण प्रकाश डागा, सेवा के लिए खींवराज टाक, संस्कार के लिए पल्लव शर्मा, महिला सहभागिता के लिए शोभा सारडा और पर्यावरण के लिए सागर सर्वा शामिल हैं। इनके साथ ही संगठन, संस्कार, सेवा, संपर्क, महिला सहभागिता और पर्यावरण गतिविधियों के लिए भी सहयोगी सदस्यों की घोषणा की गई। प्रांतीय संरक्षक नृत्यगोपाल मित्तल ने परिषद् के पाँच सूत्र - संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण के आधार पर कार्य करने का आह्वान किया।
Published on:
05 May 2026 10:29 pm
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