नागौर

पद्मावती फिल्म के विरोध की रीयल स्टोरी…

धरना दिया, रैली निकाली

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Nov 21, 2017
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मकराना. पद्मावती फिल्म पर आजीवन प्रतिबंध की मांग को लेकर सोमवार को सर्व हिन्दू समाज ने रैली निकाल धरना-प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उपखण्ड कार्यालय में एसडीएम मुकेश चौधरी को सौंपे ज्ञापन में मूल सिंह मिण्डकिया, बजरंग सिंह मण्डोवरी, ऋषिराज सिंह, सुमेर सिंह, विमल पारीक, श्यामसुंदर स्वामी, सरदार रणजीत सिंह बराड़, दशरथ सिंह बिणजारी, विनोद जोशी, बिरदाराम नायक, रणजीत सिंह चौहान, फूलचंद परैवा आदि जनों ने फिल्म के माध्यम से संजय लीला भंसाली पर भारतीय महिला की अस्मिता को तार-तार करने का आरोप लगाते हुए भंसाली पर देशद्रोह का मुकदमा चलाकर जेल में डाले जाने की भी मांग की है। इससे पूर्व तुर-फुरी माता मंदिर एवं सदर बाजार क्षेत्र से पैदल एवं दुपहिया वाहनों में रैली निकाल संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपखण्ड कार्यालय पहुंचे सर्व हिन्दू समाज के लोगों ने धरना भी दिया। इसी आशय को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।

संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारे लगाए
लाडनूं. पद्मावती फिल्म पर बेन लगाने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने सोमवार शाम को प्रदर्शन कर विरोध किया। इस मौके पर तहसील के सामने फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारे लगाए गए। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता राहुगेटस्थित हनुमान मंदिर से रैली के रूप में शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए उपखण्ड कार्यालय पहुंचे। यहां उपखण्ड अधिकारी रामसिंह राजावत को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में बताया कि पद्मावति ने सम्पूर्ण मातृशक्ति की इज्जत, देश की आबरु, सनातन धर्म की रक्षा के लिए सोलह हजार वीरांगनाओं के साथ जौहर कर दुनिया के सामने अद्भुत उदाहरण पेश किया था। महारानी पद्मावति व चित्तौड़ के विश्वप्रसिद्ध जौहर को आदर व सम्मान के साथ याद किया जाता है। फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने एतिहासिक दृश्यों को फिल्म में तोड़ मरोड़ कर पेश कर लोगों की भावनाओं को आघात पहुंचाने का कार्य किया है। फिल्मों के नाम पर देश, धर्म, इतिहास से छेड़छाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि फिल्म को प्रदर्शित किया गया तो देश में शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। ज्ञापन में पद्मावति फिल्म पर रोक लगाने, निर्माता संजय लीला भंसाली पर उचित कार्रवाईकरने व देश के गौरवशाली इतिहास,धर्म, संस्कृति से छेड़छाड़ करने वाली फिल्मों पर रोक लगाने से संबंधित कानून में उचित प्रावधान अविलम्ब शामिल करने की मांग की गईहै। ज्ञापन देने वालों में भाजयुमो अध्यक्ष रविन्द्र सिंह जोधा, एडवोकेट नरेन्द्र भोजक, जिला परिषद सदस्य गोरधन सिंह डाबड़ी, गोविन्द सिंह, श्री गणगौर मेला समिति मंत्री नरपत सिंह गौड़, एबीवीपी अध्यक्ष परमेश्वर प्रजापत, सरपंच बजरंग सिंह, गोपुत्र सेना के तहसील उपाध्यक्ष नारायण मोर्य, छात्रसंघ अध्यक्ष राजेन्द्र मेघवाल, चेतन भोजक, वीरेन्द्र सिंह शेखावत आदि शामिल थे।

Published on:
21 Nov 2017 12:24 pm