-सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल, सुरेंद्र गोगामेडी समेत कई नाम पूछताछ में कबूले -आरोपियों का रिमाण्ड दो दिन और बढ़ा -कॉल डिटेल खंगालने में जुटी पुलिस
नागौर. राजू ठेहट हत्याकाण्ड के मुख्य आरोपी रोहित गोदारा को विदेश से लाने का सरकार पर दबाव बनाने के लिए आरोपियों ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी को ही नहीं सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल को भी फोन किया था। गडकरी का तो फोन मिल नहीं पाया ,जबकि मेघवाल ने हैलो-हैलो कहकर फोन बंद कर दिया। इन्होंने राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी समेत कुछ और प्रतिष्ठित लोगों को फोन पर धमकी देने की बात स्वीकारी है।
आरोपी पवन गोदारा (28) व संजय चौधरी उर्फ संजय कुमार (44) को दो दिन के और पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा है। तीन दिन की रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर बुधवार को जसवंतगढ़ थाना प्रभारी अजय मीणा ने आरोपियों को अदालत में पेश किया था। इस मामले में लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने लाडनूं थाने में धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी । सूत्रों का कहना है कि लाडनूं सीओ राजेश ढाका व सीआई अजय मीणा की पूछताछ में आरोपियों ने धमकी देने वाले कुछ और नाम भी कबूले हैं। आरोपी पवन गोदारा ने फेसबुक के जरिए कई और नेताओं के नंबर सर्च कर रखे थे, जिनको उसे धमकी देनी थी। सिम बॉक्स के जरिए इंटरनेट कॉल पर धमकी देने का क्रम रोजाना जारी रखता था। मास्टर माइण्ड संजय चौधरी उर्फ संजय कुमार ने इसका सारा जिम्मा कुवैत में रह रहे पवन गोदारा को सौंप रखा था। इसी के चलते सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल को टॉप पर रखा था। सीकर में राजू ठेहट के मर्डर के बाद विदेश में रह रहे रोहित गोदारा समेत कुछ अन्य आरोपियों पर प्रेशर बढ़ाने के लिए पवन गोदारा ने धमकी के लिए मनोज को भी फोन किया था। उसने फोन उठा भी लिया था पर आवाज साफ नहीं आने अथवा अन्य किसी कारण से दो बार हैलो-हैलो कहकर मनोज मेघवाल ने फोन काट दिया। मनोज को फोन करने के पीछे भी इनका उद्देश्य यही था कि सरकार के विधायकों को मिल रही धमकी और बार-बार रोहित गोदारा का नाम आने पर उसे गिरफ्त में लिया जाएगा।
गडकरी से नहीं हो पाया संपर्क
सूत्रों के अनुसार आरोपी पवन गोदारा ने केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी तक को धमकी देने के लिए सिम बॉक्स के जरिए फोन मिला दिया। दो-तीन बार फोन मिलाने के बाद भी उनसे सम्पर्क नहीं हुआ। साथी संजय की रणनीति के तहत गडकरी को फोन करने के पीछे भी उनकी यही सोच थी कि इसका मीडिया में व्यापक प्रचार-प्रसार होगा तो राज्य सरकार फजीहत से बचने के लिए रोहित गोदारा को गिरफ्तार करने का काम करेगी। खास बात यह रही कि गडकरी को धमकाने के लिए पवन गोदारा ने फिर से फोन करने की जहमत नहीं उठाई।
रोजाना संपर्क में थे संजय-पवन
सूत्र बताते हैं कि कुवैत में करीब डेढ़ साल की मजदूरी के बाद पवन गोदारा भारत आया और मार्च में यहां से वापस रवाना हुआ। इसके बाद से संजय व पवन रोजाना सम्पर्क में रहे। राजू ठेहट हत्या के मुख्य आरोपी रोहित गोदारा को किसी तरह भारत लाने के लिए नए-नए तरह की रणनीति तय करते रहे। सिम बॉक्स/ऐप के जरिए धमकी देने का नया आइडिया भी पुलिस के लिए चौंकाने वाला रहा। कुवैत में रहकर इस तरह की प्लानिंग से फोन पर धमकी से पीडि़त कुछ और नामों का भी पुलिस को पता चला है।
अब कॉल डिटेल खंगाल रही है पुलिस
सूत्रों का कहना है कि संजय चौधरी के साथ मिलकर फोन पर धमकी देने वाले पवन गोदारा की पुलिस कॉल डिटेल खंगाल रही है। पूछताछ के दौरान इनके बताए नामों पर कॉल कब-कब की, किनको धमकी मिली? पुलिस की मुश्किल इस बात को लेकर भी है कि आरोपी तो एक दर्जन से अधिक विधायक/मंत्री को फोन पर धमकी देने का दावा कर रहे हैं पर पुलिस के पास लाडनूं व रतनगढ़ विधायक की ही शिकायत पहुंची। भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ भी इसी फेहरिस्त में शामिल हैं।
इनका कहना
आरोपी पवन गोदारा व संजय चौधरी को दो दिन और पुलिस रिमाण्ड पर सौंपा है। केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत कुछ और नाम पूछताछ में सामने आए हैं। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। इनका मोटिव सिर्फ रोहित गोदारा को भारत लाना था।
-राजेश ढाका, सीओ लाडनूं, नागौर