
नागौर. प्रशासन के दावों की पोल पहली बारिश ने खोल दी है। रविवार को पूरा शहर तलैया बना नजर आया। वाहन चालकों के साथ पैदल राहगिरों को भी समस्या का सामना करना पड़ा। अगर हालात पर नजर डाले तो शहर की स्थिति किसी से छूपी नहीं है। कभी सडक़ों को सीवरेज के नाम पर खोदा जा रहा है तो कभी अमृत योजना के नाम पर वापस बनी सडक़ को तोड़ा जा रहा है। उसे वापस सही नहीं करने क जहमत कोई नहीं उठा रहा है।
आखिर क्यों सही नहीं
नगर परिषद के विवाद के चलते शहर में विकास कार्य रूका पड़ा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की बैठकों में सडक़ों के खड्ढों के मुद्दों को उठाते हुए कह चुके हैं कि सडक़ों की स्थिति जल्द से जल्द सही नहीं करवाई गई तो आगामी चुनाव में खमियाजा भुगतना पड़ सकता है।
जानलेवा खड्ढों में हादसों का पानी
किले की ढाल स्थित शिवबाड़ी चौराहे से दिल्ली दरवाजा तक जाने वाली सडक़ पूरी तरह से तहस नहस हो चुकी है यहां पर अमृत योजना के नाम पर पाइप लाइन डालने के लिए सडक़ को तोड़ा गया था। उसे सही नहीं करवाने के कारण शनिवार को हुई बारिश से खड्ढों में पानी भर गया। आस-पास के दुकानदारों ने बताया कि बारिश के बाद हादसे भी हुए जिनमें वाहन चालकों को चोटें आई।
गंदा पानी दर्शा रहा लापरवाही
बारिश से इससे पहले शहर के नाले व नालियों की सफाई नहीं होने के कारण वे कचरें से अटे है। गंदा पानी सडक़ों पर आ गया। नकाश दरवाजा स्थित हमालों की गली, नया दरवाजा स्थित बाड़ी कुंआ, दिल्ली दरवाजा, खत्रीपुरा, न्यारो का मोहल्ला, तेली- लोहारों का मोहल्ला, अजमेरी दरवाजा सहित अन्य स्थानों पर स्थिति काफी ज्यादा विकट देखने को मिली। वहां पर कीचड़ के कारण पैर रखना भी मुश्किल हो गया।
मंदिर-मस्जिद जाना हुआ दुश्वार
चेनार स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश से नालों का गंदा पानी सडक़ के बीच में एकत्रित हो गया। इसके अलावा बी रोड पर सडक़ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारम बारिश के कारण गंदा पानी सडक़ के बीच में जमा हो गया। यहां पर मस्जिद में नमाज पढऩे जाने के लिए नमाजियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जनता कहिन...
शहर की सडक़ों की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई है। इसे समय रहते सही नहीं करवाया गया तो स्थित बिगड़ सकती है।
महेश खडलोया, नकाश दरवाजा,
शहर की सडक़ों पर वाहन चलाना तो दूर पैदल चलना भी दूश्वार हो गया है। आमजन का ध्यान रखते हुए सडक़ों को सही करवाया जाए।
रौनक पित्ती
नालों से गंदा पानी निकलना तो यहां पर रोज का कार्य है, लेकिन बारिश में स्थिति ज्यादा विकट हो गई। घरों व दुकानों में रहना पड़ा। समस्या का स्थाई समाधान हो।
प्रदीप वैष्णव, हमालों की गली,
सफाई व्यवस्था तो काफी पहले से ही खराब है, प्रशासन को मानसून से पहले ही नालों की सफाई करवानी चाहिए थी, सडक़ों पर भी ध्यान दिया जाए।
जाकीर खान, दिल्ली दरवाजा
इनका कहना है,
जल्द ही सडक़ों की स्थिति सुधारी जाएगी तथा नालों की सफाई को लेकर ठेकेदार को आवश्यक दिशा निर्देश दिए है।
प्रभातीलाल जाट, एसीएम व कार्यवाहक आयुक्त नगर परिषद