नागौर

‘बिना शस्त्र विद्या के थमा दिए हथियार’

पीईईओ को नहीं आती कम्प्यूटर की ‘एबीसीडी’, कम्प्यूटर पर ऑनलाइन सूचनाएं देना बन गई मुसीबत

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Oct 09, 2017
peeo getting trouble online feeding

नागौर. पंचायत प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी (पीईईओ) के लिए स्कूलों की सभी सूचनाएं कम्प्यूटर से ऑनलाइन देना गलफांस बन गई है। जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत की उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को सरकार ने पीईईओ का दर्जा दिया है। इसके साथ ही इन पीईईओ को प्रारम्भिक शिक्षा की स्कूलों की मॉनिटरिंग के साथ शाला दर्शन व शाला दर्पण पोर्टल पर स्कूल, विद्यार्थी व शिक्षकों से सम्बंधित सूचनाएं ऑनलाइन अपडेट करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालात ये हैं कि अधिकतर पीईईओ को कम्प्यूटर की ‘एबीसीडी’ तक नहीं आती, ऐसे में कम्प्यूटर पर ऑनलाइन सूचनाएं देना उनके लिए मुसीबत बन गई है। इधर, पीईईओ का कहना है कि बिना कम्प्यूटर सीखें कम्प्यूटर पर काम करना उनके लिए ‘बिना शस्त्र विद्या के लड़ाई के मैदान में हथियार थमाने जैसा है’। यही कारण है कि पीईईओ समय पर सूचनाएं देने में पिछड़ रहे हैं।

शिक्षक को बना दिया बाबू

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सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत पर पीईईओ की पोस्ट जनरेट कर उन्हें उस ग्राम पंचायत के सभी प्रारम्भिक शिक्षा के स्कूलों व खुद के स्कूल की सभी सूचनाएं पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट करने की जिम्मेदारी देकर शिक्षक से बाबू बना दिया है। सरकारी विद्यालयों में कम्प्यूटर में इतना एक्सपर्ट शायद ही कोई होगा, जो कम्प्यूटर कार्य करने के बाद शैक्षिक कार्य भी करा पाए। आलम ये है कि पूरा स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक भी सूचनाएं देने का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों द्वारा समय पर सूचनाएं नहीं देने को लेकर नोटिस देने की बात सामने आ रही हैं, वहीं स्कूलों में शैक्षिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

ये सूचनाएं देनी होती हैं
पीईईओ को स्कूलों की सभी सूचनाएं ऑनलाइन करने के लिए विभाग की ओर से प्रारम्भिक शिक्षा के विद्यालयों के लिए शाला दर्शन व माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों के लिए शाला दर्पण पोर्टल बनाए गए हैं। इनमें विद्यालयों की श्रेणी, बेसिक प्रोफाइल, कार्मिकों की संख्या, विद्यालय में सुविधा, नामांकन की स्थिति, रिकॉर्ड, वैकल्पिक विषय, संकाय, अक्षय पेटिका की जानकारी, कार्य संग्रहण, साइकिल वितरण सहित कई अन्य सूचनाएं शाला दर्पण पोर्टल पर अपलोड की करनी है। जबकि मिड-डे मिल, नामांकन, पुस्तकों की संख्या समेत अन्य सूचनाएं शाला दर्शन पोर्टल पर अपलोड की जाती हैं।

जाकर करवानी पड़ती है फीडिंग
&कम्प्यूटर एक्सपर्ट नहीं होने के कारण शाला दर्शन व शाला दर्पण पोर्टल पर फीडिंग कई बार ई-मित्र पर जाकर करवानी पड़ती है। जिसका अलग से चार्जज देना पड़ता है। इतनी सारी जानकारी बिना कम्प्यूटर एक्सपर्ट के दे पाना सम्भव नहीं है। इस कार्य के लिए अलग से एक कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जानी चाहिए।
मदनलाल शर्मा, पीईईओ, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चाऊ

ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए
कम्प्यूटर एक्सपर्ट के अभाव में माध्यमिक शिक्षा प्रथम डीईओ, रमसा, प्रारम्भिक शिक्षा डीईओ व बीईईओ के अलावा एसएसए आदि विभागों से जारी किए जाने वाले आदेशों का जवाब देने में ही समय निकल जाता है। सरकार को चाहिए कि कम्प्यूटर कार्य के लिए अलग से ऑपरेटर की व्यवस्था की जाए, ताकि शैक्षिक कार्य प्रभावित न हो और सूचनाएं भी समय पर दी जा सकें।
पूनमचंद सुथार, पीईईओ, राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय, अलाय

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Published on:
09 Oct 2017 11:24 am
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