
अनैतिक कार्यों में लिप्त गिरोह की ओर से छात्र यश नायक की हत्या करने के मामले में आरएलपी सुप्रीमो व खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक बेनीवाल ने इस मामले को लेकर प्रदेश के डीजीपी से बात की तथा प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करवाकर आरोपियों के साथ लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की।
विधायक ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नाबालिग छात्रों को फंसाकर अनैतिक काम करवाने वाली बड़ी गैंग है, इसलिए पुलिस को समय गंवाए बिना इसका खुलासा करना चाहिए और तुरंत ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए।
बेनीवाल ने कहा कि छात्र के पिता ने सीसी टीवी फुटेज तक पुलिस को उपलब्ध करवा दिए, इसके बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पुलिस यदि समय पर चेतती तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 14 दिन तक मामले को दबाए रखा। ऐसे में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही इस प्रकरण में जो बच्चे शिकार हुए हैं, उनकी काउंसलिंग होनी चाहिए, ताकि बच्चे गलत रास्ता न अपनाएं।
सरकार दिखाए संवेदनशीलता
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री नागौर की होने के बावजूद उन्होंने अब तक इस मामले में बयान तक नहीं दिया है, जबकि उनके विभाग का मामला है, उनको इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई। बेनीवाल ने कहा कि 9 फरवरी को मुख्यमंत्री नागौर आ रहे हैं, यदि तब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यहां मुख्यमंत्री का विरोध भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में बुधवार को डीजीपी से मिलेंगे तथा मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा। विधायक ने कहा कि प्रशासन ने केवल आरोपी के अतिक्रमण कर बनाए गए तबेले पर बुलडोजर चलाया है, जबकि जनता में एक मैसेज देना है तो उसके घर पर बुलडोजर चलना चाहिए।
पीडि़त परिवार को दी आर्थिक सहायता
विधायक पीडि़त परिवार के घर पहुंचे तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। बेनीवाल ने मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने के लिए पीडि़त परिवार के समक्ष ही डीजीपी से दूरभाष पर बात की। इस दौरान उन्होंने पीडि़त परिवार को 51 हजार की आर्थिक सहायता भी दी।