नागौर

अब नया पैंतरा, पार्षद के साले से दर्ज करवाया अपहरण का मामला, पार्षद ने वीडियो जारी कर कहा – मेरा साला झूठा

नहीं थमा कुचेरा नगर पालिका का राजनीतिक विवाद, कुचेरा की राजनीतिक लड़ाई नागौर पहुंची, कांग्रेस खेमे के एक पार्षद को उठाने के लिए साले से कुचेरा थाने में दर्ज करवाया अपहरण का मामला, पार्षद ने अधिवक्ता के साथ वीडियो जारी कर कहा - मैं मुझे भाजपा के लोगों से खतरा, मैं जहां भी हूं, सुरक्षित हूं
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Sep 18, 2026
डीएसपी धरम पूनिया के नेतृत्व में होटल की तलाशी ली गई
डीएसपी धरम पूनिया के नेतृत्व में होटल की तलाशी ली गई

नागौर. कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही सियासी खींचतान अब कुचेरा से निकलकर नागौर तक पहुंच गई है। गुरुवार को शपथ ग्रहण के बाद नागौर लाए गए पार्षदों में से एक पार्षद को उठाने के लिए विरोधी दल की ओर से हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। गुरुवार की घटना के बाद शुक्रवार सुबह मूण्डवा डीएसपी धरम पूनिया भारी पुलिस बल के साथ बीकानेर रोड की एक होटल पहुंचे, जहां कुचेरा के कांग्रेस समर्थित पार्षद रूके हुए हैं। डीएसपी पूनिया ने बताया कि वार्ड 9 के पार्षद निम्बाराम के अपहरण का मामला उसके साले ने दर्ज कराया है, इसलिए वे निम्बाराम को अपने साथ लेकर जाएंगे। पुलिस ने पूरी होटल की तलाशी ली, लेकिन पार्षद नहीं मिला, इसके बाद डीएसपी ने तेजपाल मिर्धा को चेताते हुए कहा कि आपके ​खिलाफ नामजद मामला दर्ज है, यदि पार्षद नहीं आया तो मैं आपके ​खिलाफ कार्रवाई करूंगा। हालांकि तेजपाल मिर्धा डरे नहीं और डीएसपी से कहा कि पार्षद यहां नहीं है और उनको कार्रवाई करनी है तो कर ले।

इस दौरान पार्षद की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया, जिसमें वह दो अन्य पार्षदों के साथ बैठा है और खुद को सुरक्षित बताते हुए प​रिवार वालों को नहीं डरने की बात कह रहा है। इसके बावजूद पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे पार्षद को अपने साथ लेकर जाएंगे। इसके बाद अधिवक्ता महावीर विश्नोई के साथ पार्षद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें पार्षद अपने साले को झूठा बताते हुए कहता है कि उसकी अपने साले से अनबन है और उसने किसी दूसरे के बहकावे में आकर मामला दर्ज कराया है।

इससे पहले गुरुवार दोपहर को शपथ ग्रहण के बाद कुचेरा से नागौर आ रहे कांग्रेस समर्थित नवनिर्वाचित पार्षदों पर झुंझाला गांव के पास कुछ लोगों ने हमला करने का प्रयास किया गया। निवर्तमान चेयरमैन तेजपाल मिर्धा ने आरोप लगाया कि रास्ते में कुछ लोगों ने पार्षदों के वाहनों के आगे पिकअप व कैम्परगाड़ियां लगाकर उन्हें टक्कर मारने का प्रयास किया। घटना के बाद वे सभी अपने वाहनों को तेजी से भगाकर मूण्डवा डीएसपी कार्यालय में पहुंचे और पुलिस अधिकारियों को पूरी घटना की जानकारी दी।

इसके बाद मूण्डवा डीएसपी धरम पूनिया के नेतृत्व में पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। पुलिस जाब्ते के साथ कांग्रेस समर्थित पार्षदों को नागौर लाया गया। उन्हें बीकानेर रोड स्थित मिर्धा के दुपहिया वाहन शोरूम में ठहराया गया। यहां नागौर से डीएसपी जतिन जैन के नेतृत्व में काफी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया।

गुरुवार को मोटरसाइकिलों के शोरूम के बाहर तैनात पुलिस

एक वोट के लिए बढ़ी सियासी खींचतान

कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच गया है। पालिका के चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 12 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, वहीं भाजपा के आठ पार्षद हैं। नामांकन के दौरान एक कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने एक निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया था। निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस खेमे के साथ है।

इधर, पूर्व विधायक रिछपालसिंह मिर्धा के नेतृत्व में भाजपा खेमे ने दो दिन पहले अपने धुर विरोधी महेन्द्रपाल चौधरी व उनके पार्षद पुत्र अजयपाल को भाजपा में शामिल कराया। इसके साथ ही चार निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी भाजपा खेमे को मिलने का दावा किया जा रहा है। भाजपा के आठ पार्षद और चार समर्थित पार्षद मिलाकर संख्या 12 तक पहुंचती है। अध्यक्ष बनाने के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में एक पार्षद का समर्थन दोनों खेमों के लिए निर्णायक हो गया है, जो वर्तमान में तेजपाल मिर्धा के साथ है। भाजपा से जुड़े लोग उसे हर हाल में अपने साल मिलाना चाहते हैं। इसी खींचतान के बीच गुरुवार को कांग्रेस समर्थित पार्षदों के नागौर आने के दौरान कथित हमला करने के प्रयास ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।

सुरक्षा घेरे में पार्षद, शोरूम बना नया ठिकाना

गुरवार की घटना के बाद कांग्रेस समर्थित पार्षदों को पहले मूण्डवा डीएसपी कार्यालय ले जाया गया। वहां से पुलिस सुरक्षा में उन्हें नागौर लाया गया और बीकानेर रोड स्थित तेजपाल मिर्धा के शोरूम में ठहराया गया। शोरूम के बाहर पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा।

अभी चार दिन बाकी

कुचेरा में अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले एक-एक पार्षद की सुरक्षा और उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर दोनों खेमों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। गुरुवार की घटना ने निकाय चुनाव के बाद चल रही सियासी उठापटक को नया मोड़ दे दिया है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 21 सितम्बर को है, ऐसे में चार दिन तक पार्षदों को सुरक्षित रखना टेढ़ी खीर है।

पूर्व विधायकों पर लगाए आरोप

कुचेरा के निवर्तमान पालिकाध्यक्ष तेजपाल मिर्धा ने घटना के बाद पत्रकारों से बातचीत में डेगाना के पूर्व विधायक पिता-पुत्र सहित कुचेरा के पूर्व पालिकाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव में बहुमत हासिल नहीं कर पाने पर औछी हरकतों पर उतर आए हैं। उधर, कुचेरा के पूर्व पालिकाध्यक्ष महेन्द्रपाल चौधरी ने कहा कि इस हमले से हमारा कोई लेना देना नहीं है। इस घटना में भाजपा का कोई व्यक्ति शामिल नहीं है।

सुरक्षित स्थान पर छुड़वाया

तेजपाल मिर्धा ने पुलिस सुरक्षा मांगी थी। उन्हें पुलिस सुरक्षा में उनके इच्छित स्थान पर सुरक्षित छुड़वा दिया है। आगे भी यदि कोई व्यक्ति सुरक्षा की मांग करेगा तो पुलिस प्रशासन पूरी सुरक्षा उपलब्ध कवाएगी।

- आशाराम चौधरी, कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक, नागौर।

Updated on:
18 Sept 2026 12:50 pm
Published on:
18 Sept 2026 12:50 pm