
पार्षद और उनकी पत्नी के अपहरण की शिकायत करते हुए। फोटो: पत्रिका
नागौर। नागौर जिले के कुचेरा में निकाय चुनाव के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। वार्ड 9 के नवनिर्वाचित पार्षद निंबाराम और उनकी पत्नी के कथित अपहरण की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई। शिकायत मिलने पर पुलिस बाड़ेबंदी स्थल पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाना शुरू किया। इसी बीच पार्षद निंबाराम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद को सुरक्षित बताया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर स्थिति और भी चर्चा में आ गई है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि पार्षद के बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मुंडवा सीओ धरम पूनिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। पार्षद से संपर्क और उनके बयान के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी है।
पार्षद के साले ने निंबाराम को बंधक बनाने और अपहरण किए जाने का आरोप लगाते हुए थाने में मामला दर्ज करवाया है। शिकायत मिलने के बाद मुंडवा सीओ धरम पूनिया और कुचेरा थानाधिकारी हबीब पुलिस जाब्ते के साथ बाड़ेबंदी स्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पार्षद निंबाराम के बयान लेने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। मुंडवा सीओ धरम पूनिया ने बताया कि पार्षद के बयान लिए जाएंगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अपहरण की शिकायत के बाद पार्षद निंबाराम को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करना पड़ा। वीडियो में उन्होंने खुद को सुरक्षित बताते हुए कहा कि उन्हें किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका कोई अपहरण नहीं हुआ है। वे अपनी इच्छा से यहां मौजूद हैं। पार्षद का वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
इधर, कुचेरा नगर पालिका में अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला बेहद करीबी स्थिति में पहुंच गया है। पालिका के चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 12 पार्षद निर्वाचित हुए हैं. वहीं भाजपा के आठ पार्षद हैं। नामांकन के दौरान एक कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस ने एक निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया था। निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस खेमे के साथ है। इधर, पूर्व विधायक रिछपालसिंह मिर्धा के नेतृत्व में भाजपा खेमे ने दो दिन पहले अपने धुर विरोधी महेन्द्रपाल चौधरी व उनके पार्षद पुत्र अजयपाल को भाजपा में शामिल कराया।
इसके साथ ही चार निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी भाजपा खेमे को मिलने का दावा किया जा रहा है। भाजपा के आठ पार्षद और चार समर्थित पार्षद मिलाकर संख्या 12 तक पहुंचती है। अध्यक्ष बनाने के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है। ऐसे में एक पार्षद का समर्थन दोनों खेमों के लिए निर्णायक हो गया है, जो वर्तमान में तेजपाल मिर्धा के साथ है। भाजपा से जुड़े लोग उसे हर हाल में अपने साल मिलाना चाहते हैं। इसी खींचतान के बीच गुरुवार को कांग्रेस समर्थित पार्षदों के नागौर आने के दौरान कथित हमला करने के प्रयास ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
Updated on:
18 Sept 2026 12:53 pm
Published on:
18 Sept 2026 12:32 pm
