तीन दिन डीडवाना तो तीन दिन कुचामन बैठेंगे ओएसडी ओएसडी सीताराम जाट का किया कुचामन में स्वागत
कुचामनसिटी. नए जिले डीडवाना- कुचामन के विशेषाधिकारी सीताराम जाट शनिवार को नगरपरिषद भवन पहुंचे। यहां सभागार में हुई बैठक में शहरवासियों ने उनका स्वागत किया। सभापति आसिफ खां, उपसभापति हेमराज चावला, एडीएम कमला अलारिया, पुलिस उपाधीक्षक संजीव कटेवा, थानेदार सुरेश चौधरी भी उनके साथ थे। बैठक में कुचामन विकास समिति केओमप्रकाश काबरा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष नटवर वक्ता, कृषि मंडी क्रय-विक्रय समिति अध्यक्ष ईश्वर सोऊ, हेमराज पारीक, प्रतिपक्ष नेता अनिल सिंह मेड़तिया, कांग्रेस नेता भंवरअली, पार्षद सुभाष पावडि़या ने कुचामन की विशेषताएं बताते हुए जानकारी दी।
शिव मंदिर कुम्हारान ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार फौजी, कृषि मंडी सचिव शिशुपाल चौधरी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने साफा पहनाकर ओएसडी का स्वागत किया। इस अवसर पर पार्षद खेताराम सिसोदिया, मो. फारूख, जवानाराम, फूलचंद, इमरान खान, चेतन गुर्जर, सुरेश खींची, दुर्गाराम चौधरी, आरीफ खान, सुतेन्द्र सारस्वत, शेर खान, परसाराम बुगालिया सहित अन्य लोग उपस्थित थे। मंच संचालन पार्षद फजलु रहमान ने किया। इस मौके पर डीसी गौड व मुरारी गौड़ ने ‘कुचामन जिला क्यों’ बने नाम से एक पुस्तक भेंट की। जिसमें कुचामन की बारे में बताया गया है। जिसका विशेषाधिकारी जाट ने विमोचन किया ।
उप मुख्य सचेतक को किया बार-बार याद
बैठक में राजनीति से अलग हटकर कई लोगों ने सम्बोधित किया। यह भी बताया कि कुचामन जिला बनने के काबिल था। साथ में कांग्रेस शासन में जिला बनने पर महेन्द्र चौधरी को सभी वक्ताओं ने बार-बार याद किया। उनकी उपलब्धियां भी गिनाई।
स्वागत से फूले नहीं समाएं
सभागार में पार्षदो, शहर के प्रबुद्ध लोगों जनप्रतिनिधियों ने विशेषाधिकारी का भव्य स्वागत किया। इस पर जाट ने कहा कि मैंन कल्पना भी नहीं की इतने ज्यादा लोग आएगें और मेरा स्वागत करेंगे।
नए जिलों से क्षेत्र का होगा विकास
विशेषाधिकारी ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि आम आदमी तक शासन-प्रशासन पहुंचे। सरकारी योजनाओं का उनको लाभ मिलें तथा क्षेत्र का विकास हों। उन्होंने कहा कि सरकार ने दायित्व दिया है इसलिए क्षेत्र का तीव्र गति से विकास हो, सुविधाएं विकसित हो ऐसे कार्य किए जाएंगे।
ओएसडी भी फंसे दो शहरों के भंवर में
पिछले लम्बे समय से डीडवाना व कुचामन दोनों शहरों की जनता व प्रतिनिधि अपने-अपने शहर को जिला बनाने की मांग कर रही थे। मुख्यमंत्री गहलोत ने दोनों विधायकों को खुश रखते हुए डीडवाना-कुचामन को संयुक्त जिला घोषित किया है। अब दोनों क्षेत्रों के लोग जिला मुख्यालय बनाने की उम्मीद कर रहे है। नए जिले के विशेषाधिकारी बने सीताराम जाट के समक्ष भी यह दुविधा है कि कुचामन बैठे या डीडवाना। इसका रास्ता स्वयं ओएसडी ने खोज लिया। उन्होने पत्रकारों से रूबरू होते हुए बताया कि क्षेत्र बहुत बड़ा है। तीन दिन कुचामन तो तीन दिन डीडवाना बैठूंगा, जबकि डीडवाना-कुचामन के बीच की दूरी 45 किलोमीटर की है। जिले का मुख्यालय कहां होगा इसके जवाब में बताया कि यह सरकार का विषय है। सरकार के स्तर पर निर्णय हुआ है तथा निर्णय होगा। उसी अनुसार कार्रवाई होगी। शनिवार को कुचामन में ओएसडी की ज्वाइनिंग के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मैंने डीडवाना-कुचामन विशेषाधिकारी के तौर पर शुक्रवार को ही ज्वाइन कर लिया है। 30 जून तक जिले के कार्य को पूर्ण करने की बात पर ओएसडी ने कहा कि समय पर नहीं समय से पहले पूरा कार्य हो जाएगा। मैं सरकार के दायित्व से अधिक (सवाया) कार्य करता हूं।