प्रशासन की दूसरे दौर की वार्ता में बनी बात एडीएम जांगिड़ व आयुक्त जाट रहे मौजूद
नागौर. नगर परिषद में पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद के बीच जिला प्रशासन के आग्रह व बोर्ड में लिया गया प्रस्ताव डीएलबी को भेजने तथा कर्मचारियों की अन्य मांगों पर विचार करने का आश्वासन मिलने के बाद चार दिन से कार्य बहिष्कार कर रहे सफाई कर्मचारी शुक्रवार दोपहर बाद काम पर लौट आए। अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार व आयुक्त प्रभाती लाल जाट की मौजूदगी में सभापति कृपाराम सोलंकी ने सफाई कर्मचारियों से चर्चा कर हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। इसके बाद कर्मचारी ईद के त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन के आग्रह पर सफाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए काम पर लौट आए।
समझाइश से बनी बात
इससे पहले गुरुवार देर शाम एडीएम बलवंतसिंह व नगर परिषद आयुक्त प्रभातीलाल जाट ने सभापति कृपाराम सोलंकी व सफाई कर्मचारियों से वार्ता की थी। कर्मचारियों के काम पर लौटने से चार दिन से बदहाल सफाई व्यवस्था अब पटरी पर आने की उम्मीद है। जिला प्रशासन की ओर से वार्ता की पहल करने के बाद सभापति सोलंकी व अन्य जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से समझाइश कर हड़ताल समाप्त करवाई। सफाई कार्य बहिष्कार के कारण शहर में कचरे के ढेर लग गए। नगर परिषद सभापति कृपाराम सोलंकी ने बताया कि बोर्ड की बैठक में सफाई कर्मचारियों की भर्ती स्थगित कर 300 पदों पर भर्ती करने के संबंध में लिया गया प्रस्ताव सरकार को भिजवाने की जानकारी मिलने पर कर्मचारी काम पर लौट गए हैं। इस अवसर पर वित्त समिति अध्यक्ष मनोहरसिंह, पूर्व पालिकाध्यक्ष अशोक कुमार मच्छी व श्याम जांगिड़, पार्षद, सफाई कर्मचारी व सफाई कर्मचारी संगठन से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।
जयपुर व अजमेर भेजा प्रस्ताव
सभापति सोलंकी ने गुरुवार को ही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते 31 मई को बुलाई गई विशेष बैठक का कार्य विवरण, बैठक की रिकॉर्डिंग सीडी समेत अन्य दस्तावेज स्थानीय निकाय विभाग जयपुर व उप निदेशक अजमेर कार्यालय को भिजवाया। पत्र में लिखा है कि राजस्थान नगर पालिका कार्य संचालन नियम 2009 के नियम 11 में बैठक का कार्यवृत सचिव नरेन्द्र बापेडिय़ा द्वारा तीन दिन में नहीं भिजवाने पर सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए व सफाई व्यवस्था चरमरा गई। प्रशासन की ओर से हस्तक्षेप व ईद पर्व के मद्देनजर हड़ताल समाप्त करवाने के लिए बैठक का कार्यवृत भिजवाया जा रहा है।