नागौर

Assam Plane Crash: 25 जून को घर आने वाले थे शहीद खेमाराम कुमावत, 1 जुलाई को होनी थी सगाई

Khemaram Kumawat: असम के जोरहट में हुए विमान हादसे में राजस्थान के लाल खेमाराम कुमावत भी शहीद हो गए। एक जुलाई को उनकी सगाई होने वाली थी और 25 जून को ही वे घर आने वाले थे। परिवार में शादी की तैयारियों को लेकर उत्साह था। विमान हादसे में मौत की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया है।

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Jun 14, 2026
Khemaram Kumawat
Assam Plane Crash: शहीद जवान खेमाराम कुमावत (फोटो-पत्रिका)

नागौर। असम के जोरहाट एयरबेस पर शनिवार सुबह हुए विमान हादसे में डीडवाना-कुचामन जिले की ग्राम पंचायत पांचोता के कलाली नदी गांव निवासी भारतीय वायु सेना के अग्निवीर खेमाराम कुमावत (24) शहीद हो गए। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर छा गई। सूचना मिलते ही जिस घर में सगाई की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार सुबह जोरहाट स्थित भारतीय वायु सेना के एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान एएन-32 मालवाहक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत तथा दानिश आलम शहीद हो गए, जबकि एक को-पायलट घायल हो गया।

संघर्ष और मेहनत से पूरा किया सपना

खेमाराम कुमावत का वर्ष 2020 में एयरफोर्स में चयन हुआ था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से उनका सपना अधूरा रह गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा। वर्ष 2022 में अग्निवीरवायु के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपना सपना साकार किया। दिसंबर 2022 से वे भारतीय वायु सेना में सेवाएं दे रहे थे।

25 जून को घर आना था

परिजनों के अनुसार खेमाराम 25 जून को छुट्टियों पर घर आने वाले थे। एक जुलाई को उनकी सगाई होनी थी इससे परिवार में खुशी का माहौल था। साथ ही उसके छोटे भाई मनोज की सगाई भी होनी थी। विमान हादसे की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

दिसम्बर में पूरा होना था कार्यकाल

अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत का चार वर्षीय कार्यकाल आगामी दिसम्बर माह में पूरा होने वाला था। परिवारजनों के अनुसार वे अपने भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहे थे।

उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अधिकारियों का विश्वास जीता

खेमाराम ने भारतीय वायु सेना में चयन के बाद बेलगांव (कर्नाटक) में सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। कठोर प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सैन्य कौशल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अधिकारियों का विश्वास जीता। प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली तैनाती सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) में हुई ।

तीन-चार महीने से जोरहाट में थी तैनाती

परिजनों के अनुसार सिलीगुड़ी के बाद उनका स्थानांतरण असम के जोरहाट एयरबेस पर हुआ था। वे पिछले तीन-चार माह से जोरहाट में तैनात थे। अप्रेल माह के प्रथम सप्ताह में छुट्टियों से वापस ड्यूटी पर लौटे थे।

Updated on:
13 Jun 2026 10:41 pm
Published on:
14 Jun 2026 06:00 am