नागौर

Rajasthan: MD की काली कमाई से पत्नी के लिए खरीदे गहने, फिर 1000 KM दूर मामा के घर जाकर छिपा तस्कर

Nagaur MD Smuggler: एमडी तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने करीब एक हजार किलोमीटर दूर केन्द्र शासित प्रदेश दमन तक पीछा कर एक साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर को गिरफ्तार किया है।
3 min read
Sep 11, 2026
Nagaur MD Smuggler
तस्कर को दमन से गिरफ्तार कर लाती एएनटीएफ। फोटो: पत्रिका

नागौर। एमडी तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने करीब एक हजार किलोमीटर दूर केन्द्र शासित प्रदेश दमन तक पीछा कर एक साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर को गिरफ्तार किया है। ‘ऑपरेशन रानीरोना’ के तहत पकड़ा गया आरोपी रामनिवास उर्फ रामू विश्नोई (32) पुत्र भींयाराम विश्नोई नागौर जिले की जायल तहसील क्षेत्र के रोटू गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी नागौर और आसपास के क्षेत्रों में एमडी सप्लाई का मुख्य सरगना है।

एएनटीएफ महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा एवं अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में एएनटीएफ ने फरार इनामी आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों की निगरानी शुरू की। आरोपी के दमन में छिपे होने की जानकारी मिलने पर टीम वहां पहुंची और उसके मामा के किराये के कमरे पर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।

मुंबई में नौकरी के दौरान शुरू किया नशे का कारोबार

पुलिस के अनुसार रामनिवास ने वर्ष 2011 में गांव से 12वीं कक्षा पास करने के बाद मुंबई में एक कोरियर कंपनी में नौकरी की। वहां हाईप्रोफाइल सोसायटी में नशा करने वाले लोगों के संपर्क में आने के बाद उसे एमडी के सेवन और कारोबार की जानकारी हुई। धीरे-धीरे वह खुद भी एमडी का सेवन करने लगा और बाद में मुंबई में एमडी बेचने वाले तस्करों के संपर्क में आया। शुरुआत में वह करीब 100 ग्राम एमडी खरीदकर बेचता था। बाद में उसने नागौर क्षेत्र में सप्लाई शुरू कर दी। मांग बढ़ने पर वह एक बार में 500 से 700 ग्राम तक एमडी सप्लाई करने लगा। पुलिस के अनुसार मुंबई के तस्करों से संपर्क बढ़ने के बाद वह नागौर और आसपास के इलाकों में एमडी का बड़ा सप्लायर बन गया।

एक किलो पर दो लाख रुपए तक मुनाफा

पुलिस के मुताबिक रामनिवास मुंबई से करीब 8 लाख रुपए प्रति किलो की दर से एमडी खरीदता और नागौर क्षेत्र में अपने फिक्स ग्राहकों को करीब 10 लाख रुपए किलो तक में बेचता था। इस तरह उसे प्रति किलो करीब दो लाख रुपए का मुनाफा होता था। वह ट्रेन और बस से मुंबई जाकर एमडी लाता और महीने में करीब दो चक्कर लगाकर इसकी सप्लाई करता था। एमडी की अवैध कमाई से आरोपी ने बड़ा मकान बनवाया, वाहन खरीदे, पुराना कर्ज चुकाया तथा पत्नी के लिए सोने-चांदी के आभूषण भी खरीदे। नागौर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत उसके निर्माणाधीन मकान पर कार्रवाई की थी। साथ ही अवैध मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ी उसकी दो कारें भी सीज की थीं।

साथी पकड़ा गया तो सामने आया रामनिवास का नाम

पुलिस के अनुसार रतनगढ़ पुलिस ने एमडी की सप्लाई करने जा रहे नरसीराम सहित चार लोगों को पकड़ा था। पूछताछ में नरसीराम, रामनिवास का स्थायी ग्राहक निकला। उसने रामनिवास का नाम बताया। उसके बाद वह भी संबंधित एनडीपीएस प्रकरण में वांछित आरोपी हो गया। इसके बाद फरार होने पर चूरू पुलिस ने गत 24 फरवरी को उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

जायल में 5.400 किलो एमडी पकड़ी, आरोपी भाग निकला

पुलिस के अनुसार गत 27 अगस्त को जायल क्षेत्र में एमडी की गाड़ी को एस्कोर्ट करते समय रामनिवास पुलिस नाकाबंदी देखकर फरार हो गया। कार्रवाई में उसके साथी तस्कर का नाबालिग भतीजा पकड़ा गया और उसकी कार से 5.400 किलोग्राम एमडी बरामद हुई। इस संबंध में जायल थाने में प्रकरण दर्ज किया गया, जिसमें रामनिवास भी वांछित आरोपी है। फरारी के बाद वह अपने साथियों के साथ मनाली गया। इसके बाद अंबाला और जयपुर होते हुए दमन पहुंचा। पुलिस के अनुसार वह 3 सितम्बर को दमन पहुंचकर अपने मामा के किराये के कमरे में छिपकर रह रहा था।

फरारी में भी एमडी का कारोबार जारी

एएनटीएफ के अनुसार रामनिवास ने फरारी के दौरान भी एमडी का कारोबार बंद नहीं किया। वह जयपुर में रहकर अपने तस्कर साथियों के साथ मिलकर एमडी की सप्लाई करता रहा। इस दौरान माल की सप्लाई के लिए मनाली और दमन तक जाने की जानकारी भी सामने आई है। एएनटीएफ टीम ने आरोपी की लगातार निगरानी और उसके साथियों से पूछताछ के आधार पर दमन में उसके मामा के ठिकाने की जानकारी जुटाई। इसके बाद टीम ने वहां दबिश देकर रामनिवास को गिरफ्तार किया।

Updated on:
11 Sept 2026 11:08 am
Published on:
11 Sept 2026 11:08 am