
नागौर।
राजस्थान में रविवार को सुबह राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS-Pre Exam 2018) परीक्षा रविवार सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक चली। प्रदेश के नागौर जिलें में 24 केन्द्रों पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच आरएएस परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में करीब 81 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया, जबकि 19 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे। परीक्षा में कुल 7 हजार 897 परीक्षार्थी बैठने थे, जिनमें से 6 हजार 415 ने परीक्षा दी, जबकि 1482 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
परीक्षा शांतिपूर्वक एवं निष्पक्ष व पारदर्शी हो, इसके लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा से एक घंटे पहले सुबह 9 बजे शहर में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई, जो दोपहर एक बजे तक बंद रही। आरएएस परीक्षा के नोडल प्रभारी एडीएम बीके चंदोलिया ने परीक्षा के लिए शहर में 24 केन्द्र बनाए गए, जहां पेपर लीक व नकल जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे।
जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा शांतिपूर्वक आयोजित हो गई। दो घंटे पहले बुलाया परीक्षार्थियों को दो घंटे पहले परीक्षा केन्द्र पर पहुंचने के लिए कहा गया था, जिसके अनुसार परीक्षार्थी दो घंटे पहले सुबह 8 बजे ही केन्द्रों पर पहुंचना शुरू हो गए, जिनकी दो घंटे की अवधि में जांच प्रक्रिया पूरी की गई। लम्बी आस्तीन की शर्ट व कुर्ता पहनकर आने वाले परीक्षार्थियों को बनियान में परीक्षा देनी पड़ी।
फ्लाइंग टीमों ने किया निरीक्षण आरएएस परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ नहीं हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन ने पुख्ता व्यवस्था की परीक्षा केन्द्रों पर 4 से 5 वीक्षक लगाए गए, जो सभी सरकारी शिक्षक एवं कर्मचारी-अधिकारी थे, इस बार प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को वीक्षक नहीं बनाया गया। साथ ही परीक्षा केन्द्रों पर 06 पुलिसकर्मी तैनात रहे। इसके साथ 4 फ्लाइंग टीमें भी बनाई गई, जिन्होंने केन्द्रों पर नजर रखी। एक टीम को छह केन्द्र की जिम्मेदारी दी गई है।
टीम में खींवसर व नागौर के एसडीएम, प्रशिक्षु आईएएस, मूण्डवा तहसीलदार, & डीएसपी, एक-एक एडीईओ व थानाधिकारियों को शामिल किया गया है। इसके साथ 7 ऑब्जर्वर भी लगाए गए। प्रशासनिक टीम से जहां एडीएम को प्रभारी बनाया गया है, वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से एएसपी राजकुमार चौधरी को प्रभारी बनाया गया है।