Nagaur.राजस्थान स्टेट रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनरतले अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे-रोडवेज के मुख्य प्रबन्धक व यातायात कार्यकारी निदेशक पर लगाया विभागीय संवैधानिक ढांचे के खिलाफ आदेश जारी करने का आरोप, अनुबंधित बसों को फायदा चलाने के लिए रोडवेज का कायदा तोड़ रहे अधिकारी
नागौर. नागार में पहले से चल रही 27 अनुबंधित बसों के साथ ही 10 अतिरिक्त अनुबंधित बसों के और संचालन के फैसले से रोडवेज कर्मियों में उबाल आ गया है। भडक़े रोडवेज कर्मियों के यूनियन पदाधिकारियों ने इस संबंध में आगार प्रबंधक के समक्ष अपनी नाराजगी जता दी। इसके बाद भी अनुबंधित बसों के बढ़ाने का फैसला रद्द नहीं किए जाने पर नाराज रोडवेज कर्मी बुधवार को धरने पर उतर गए। राजस्थान स्टेट रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के तले एटक, इंटक, भारतीय मजदूर संघ एवं सेवा निवृत एसोसिएशन के पदाधिकारी बुधवार को रोडवेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। इस मौके पर पदाधिकारियों ने कहा कि पहले से चल रही 27 बसों में से दो बसें अतिरिक् त होने के साथ ही प्रावधानों के खिलाफ संचालित हो रही हैं। अब इसमें 10 अतिरिक्त बसों की संख्या और बढ़ गई है। यह पूरी तरह से रोडवेज के विभागीय संवैधानिक ढांचे के खिलाफ है। विभागीय प्रावधान में इस संबंध में स्पष्ट तौर पर गाइडलाइन दी गई है कि 30 प्रतिशत बसों से ज्यादा अनुबंधित बसें नहीं हो सकती है। इसके बाद भी रोडवेज के यातायात के कार्यकारी निदेशक ने नागौर आगार प्रबन्धक की सहमति का हवाला देते हुए विभागीय संविधान के खिलाफ जाकर पाली आगार से अनुबंधित 10 अतिरिक्त बसों का स्थानांतरण नागौर आगार में संचालन के लिए कर दिया। यह आंकड़े का औसत निर्धारित मापदण्ड से ज्यादा है। जब विभागीय प्रावधान में ही उल्लेख है कि 30 प्रतिशत से ज्यादा नहीं कर सकते हैं तो फिर क्या रोडवेज आगार प्रबन्धक व कार्यकारी निदेशक क्या विभागीय प्रावधान से परे हैं। यह अधिकारी भी विभागीय प्रावधानों के तहत ही माने जाते हैं। जब यह विभाग के प्रावधानों को ही नहीं मान रहे तो फिर यह विभागीय संचालन की व्यवस्था कैसे उठा सकते हैं। संवैधानिक ढांचे टूटा तो फिर निश्चित रूप से आगे चलकर भयावह स्थिति का सामना करना पड़ेगा, जब अधिकारी ही अपने विभाग के प्रावधानों को नहीं मान रहे तो फिर उनके मातहत उनका आदेश कैसे मान सकते हंै। इस तरह से हालात बेहद ही खतरनाक स्थिति में पहुंच जाएंगे। यूनियन नेताओं ने कहा कि जब रोडवेज के पास पर्याप्त संख्या में बसें और चालक हैं, फिर रोडवेज क्यों अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ा रहा है। स्पष्ट है कि कुछ न कुछ गलत हो रहा है। इस दौरान आगार के मुख्य प्रबन्धक को ज्ञापन दिया गया।
प्रदर्शन में यह रहे शामिल
मोर्चा अध्यक्ष मेहराम फिरड़ोदा, बाबूलाल बिश्नोई, बीएमएस अध्यक्ष सुरेश कुमार बिश्नोई, सचिव रामेश्वर तेरवा, एटक कार्यकारी अध्यक्ष शिवदानराम, नौरतन डिडेल, इंटक प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीशराम इनाणियां, भगवानराम माल, जोधाराम, गणपतराम बिश्नोई, ओमप्रकाश नराधणिां, एटक अध्यक्ष हरिराम जाजड़ा, सेवानिवृत एसोसिएशन अध्यक्ष अर्जुनराम करीर, इंटक अध्यक्ष नरपतराम भाकल, ओमप्रकाश, छोटूराम रिणवा, ओमप्रकाश शर्मा, नारायणराम प्रजापति आदि थे।