
खींवसर उपखण्ड के गांवों में लाइम स्टोन का दिन रात अवैध दोहन हो रहा है। यहां अवैध लाइम स्टोन को वैध बनाने वाली रॉयल्टी फर्म सरकार को ही चुना नहीं लगा रही, बल्कि मजदूरों के डीएमएफटी के लाखों रुपए भी डकार गई है। खनिज विभाग भी फर्म पर इतना मेहरबान है कि यहां सर्वाधिक अवैध खनन की जगहों पर चौकियां तक नहीं लगाई गई है। ऐेसे में इस रॉयल्टी फर्म के कार्मिकों की लूट रोकने वाला कोई नहीं है। स्थिति यह है कि 50-50 किलोमीटर दूर की वैध लीजों से रवाना मंगवाकर अवैध लाइम स्टोन को वैध किया जा रहा है, लेकिन विभाग कार्रवाई करने की बजाए दरियादिली दिखा रहा है।
सुविधाओं से अनजान श्रमिक
रॉयल्टी फर्म अवैध लाइम स्टोन से रॉयल्टी वसूलने के साथ मजदूरों के नाम पर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट का पैसा भी डकार रही है, जबकि सरकारी सुविधाओं से अनजान श्रमिक कई बार चिकित्सा सुविधा के अभाव में काल कलवित हो रहे हैं। इनके बच्चे भी शिक्षा के अभाव में बाल श्रमिक बन रहे हैं। अत्यधिक चूना कली भट्टों एवं लीज खानों के कारण औद्योगिक नगरी कहलाने वाले भावण्डा-माणकपुर में श्रमिकों के लिए खुद का अस्पताल तो दूर सरकारी अस्पताल में चिकित्सक तक नहीं है। श्रमिकों को सुविधा के लिए भामाशाहों का मुंह तक ताकना पड़ता है।
वसूली में चूक नहीं
उपखण्ड क्षेत्र के लीज धारकों, चूना कली भट्टे मालिकों एवं अवैध लाइम स्टोन परिवहन वालों से रॉयल्टी फर्म की ओर से रॉयल्टी वसूली जा रही है। इस वसूली का आंकड़ा प्रतिवर्ष लाखों में है, जबकि श्रमिकों एवं पर्यावरण पर मिलने वाली सुविधाएं शून्य है। भावण्डा, माणकपुर सहित लीज की खानों पर काम करने वाले श्रमिक आज तक सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं।
नहीं हो रहा यह सब
नियमानुसार डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउण्डेशन ट्रस्ट) फण्ड से अच्छी सड़कें पर्यावरण शुद्धिकरण के लिए पेड़ पौधे, सामाजिक भवन, पर्यावरण पर गोष्ठियों के लिए भवन, चूना कली भट्टे एवं लीज खानों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच करना। अस्पताल, पानी के जीएलआर, हौद, श्रमिकों के बच्चों के लिए स्कूल, मजदूर आवासीय भवन सहित विभिन्न सुविधाएं मिलनी चाहिए। जबकि इनमें से एक भी सुविधा नहीं मिल रही।
पेट्रोलिंग से निगरानी
खींवसर में खनन का लम्बा चौड़ा क्षेत्र है, हालांकि चौकी दो जगह लगाई गई है बाकी अवैध खनन की रोकथाम के लिए लगातार पेट्रोलिंग कर रहे है।
-जितेन्द्र भारद्वाज, खनिज अनुदेशक, खींवसर