नागौर जिला मुख्यालय पर पूर्व सैनिकों व परिजनों की समस्या समाधान रैली
नागौर. हर विपरीत परिस्थिति को सहजता से अपने पक्ष में करने की कला सीखनी है तो सेना से सीखना चाहिए। नागौर जिला मुख्यालय पर राजकीय स्टेडियम में पूर्व सैनिकों व उनके निकटतम परिजनों के लिए भारतीय सेना की रणबांकुरा डिविजन द्वारा आयोजित रैली को लेकर जिला प्रशासन के सहयोग से बुधवार को ही सभी तैयारियां कर टैंट लगाया था, लेकिन गुरुवार अलसुबह तेज आंधी के बाद आई बारिश ने सब कुछ तबाह कर दिया। आंधी इतनी तेज थी कि सेना के टेंट उखडकऱ जमीन पर गिर गए और बारिश में पूरी तरह भीग गए, लेकिन कहते हैं जिंदगी के कई अच्छे सबक हमें मुश्किल परिस्थितियों में ही सीखने को मिलते हैं। सब कुछ बिखरने के बावजूद सेना के जवानों ने हौसला नहीं हारा और बारिश थमते ही व्यवस्थाओं को सुचारू करने में जुट गए। करीब एक घंटे की मेहनत के बाद सब कुछ ठीक कर दिया और गुरुवार का आयोजन हो गया। रैली में मुख्य अतिथि के रूप में सेना के जनरल ऑफिसर एसपी मेहता व मेजर जनरल जेएस नंदा सहित कई अधिकारी शामिल हुए, वहीं स्थानीय प्रशासन की ओर से जिला कलक्टर दिनेश कुमार यादव, एसपी डॉ. विकास पाठक, एडीएम मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। रैली में करीब 3 हजार से अधिक पूर्व सैनिक व उनके निकटतम परिजनों ने पहुंचकर पेंशन, चिकित्सा और दस्तावेज सम्बन्धी समस्याओं का समाधान करवाया।
हुआ समस्याओं का समाधान, दी महत्वूपर्ण जानकारी
भारतीय सेना की ओर से गुरुवार को सुबह 8 बजे से शाम पांच बजे तक नागौर स्टेडियम में आयोजित निकटतम परिजन एवं पूर्व सैनिकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सिविल प्रशासन व विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल्स लगाई गईं। सेना के अधिकारियों ने बताया कि रैली में पेंशन, चिकित्सा, भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना, कैंटीन और भूमि दस्तावेज सम्बन्धी समस्याओं का निराकरण किया गया। पुलिस विभाग की ओर से राजस्थान पुलिस मित्र योजना के तहत एक स्टॉल लगाई गई। एसपी डॉ. विकास पाठक ने बताया कि स्टॉल लगाने का मुख्य उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त जवानों को पुलिस से जोडऩा है, ताकि अपराधों पर लगाम लगाने के साथ वे पुलिस के मित्र के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में काम कर सकें।
सेना ने भेजे अपने प्रतिनिधि
रैली में सेना की विभिन्न रेजिमेंट के भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीरांगनाओं के दस्तावेज और पेंशन सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण के लिए अभिलेख कार्यालय मैकेनाइज इन्फन्ट्री, आर्मड कोर, ब्रिगेड ऑफ दी गाड्र्स, आर्टिलरी, जाट, ग्रेनेडियर्स, राजपूताना राइफल्स और राजपूत रेजिमेंट सेंटर ने अपने प्रतिनिधि भेजकर आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। रैली के दौरान सेना के अधिकारियों ने पूर्व सैनिकों, उनके निकटतम परिजनों, वीर नारियों एवं वीरांगनाओं को सम्मानित किया तथा आर्थिक सहायता राशि के चेक सौंपे।