
नागौर। रियांबड़ी व पादू कलां क्षेत्र में लम्बे समय से हो रहे बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए कलक्टर कुमारपाल गौतम द्वारा विशेष तौर से भेजे गए आईएएस प्रशिक्षु डॉ. अमित यादव ने जाते ही खनन माफिया में हड़कम्प मचा दिया है।
हालांकि प्रशासन की ओर से बरती गई लापरवाही के चलते रियां बड़ी तहसीलदार व उनके चालक चोटिल हो गए, लेकिन सोमवार अल सुबह जब वे खनन क्षेत्र में पहुंचे तो बजरी का अवैध खनन व परिवहन करने वाले जेसीबी चालक, ट्रेक्टर-ट्रॉली एवं डम्पर चालक दुब दबाकर भागते नजर आए।
तहसीलदार की टीम द्वारा बनाए गए करीब पांच मिनट के वीडियो में जेसीबी व ट्रेक्टर चालक वाहनों के साथ चिंटियों के दल की तरह भागते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि एक बार भागने के बाद उन्होंने बाद अचानक प्रशासन की टीम पर हमला कर दिया।
रियांबड़ी उपखंड क्षेत्र के बड़ायली ग्राम के समीप बजरी की खानों में अवैध खनन के विरूद्ध कार्रवाई करने पहुंचे रियांबड़ी तहसीलदार सांवरलाल अबासरा पर खनन माफिया के लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया।
हमले के दौरान बीच बचाव करने आए चालक हरीराम और संजीव सैनी घायल हो गए। अवैध खनन माफिया की खैर नहीं, सख्ती से निपटेंगे अवैध बजरी खनन के विरूद्ध कार्रवाई को लेकर बडायली क्षेत्र में तहसीलदार पर हुए हमले के बाद स्थानीय पुलिस चौकी परिसर में दोपहर को आईएएस प्रशिक्षु डॉ. अमित यादव ने खनन विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की।
बैठक में शामिल मेड़ता पुलिस उप अधीक्षक दिवाकर, पादूकलां, थांवला और डेगाना थानाधिकारी सहित खनन विभाग के रमेश गहलोत मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान अवैध खनन माफियाओं व इस घटना को अंजाम देने वालों के विरूद्ध सख्ती से निपटने के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। चार टीमों का गठन बड़ायली क्षेत्र में चल रहे बजरी के अवैध खनन को रोकने के लिए पहुंचे रियां बड़ी तहसीलदार व टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ पादू थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए उनकी पहचान कर चार टीमों का गठन किया गया हैं। इसके लिए संभावित स्थानों पर दबिशें देकर धरपकड़ के प्रयास कर रहे हैं। - राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर, वृत्ताधिकारी, मेड़ता