
चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी है। जिले में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अतिरिक्त बलों के करीब सात हजार जवान नागौर आए हैं। उधर, पुलिस के साथ जवानों का विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैग मार्च जारी है। आगामी 25 नवंबर को होने वाले मतदान को देखते हुए जिलेभर के होटल व धर्मशाला के साथ संदिग्ध वाहन अथवा लोगों की जांच-पड़ताल जोरों पर चल रही है।
सूत्रों के अनुसार नागौर (डीडवाना-कुचामन) जिले के दस विधानसभा क्षेत्र में 25 नवम्बर को मतदान होना है। शांतिपूर्ण चुनाव के लिए एसपी नारायण टोगस के सुपरविजन में सुरक्षा व्यवस्था के हिसाब से जाब्ता लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अर्ध सैनिक बलों की चार कम्पनी पहले ही आ चुकी थी। सोमवार की रात करीब सोलह कम्पनी और नागौर पहुंची। इस तरह सेंट्रल फोर्स की बीस कम्पनी नागौर जिले में पहुंच चुकी हैं। बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और आरपीएफ के इन जवानों को अलग-अलग क्षेत्रों में भेज दिया है।
इसके अलावा आरएसी की आठ कम्पनी के अतिरिक्त मध्यप्रदेश से करीब आठ सौ होमगार्ड भी चुनाव की कमान संभालेंगे। नागौर जिले के पांच सौ होमगार्ड चुनावी ड्यूटी करेंगे। इस तरह स्थानीय पुलिस के अलावा करीब सात हजार जवान चुनाव/मतदान की व्यवस्था संभालेंगे। थानों के पुलिसकर्मी पहले ही फ्लाइंग स्क्वायड टीम (एफएसटी) के अलावा चुनाव के अन्य कार्य में लगाए जा चुके हैं। आलम यह है कि कई थाने तो दो-दो पुलिसकर्मियों के भरोसे रह गए हैं।
थानों को छोडि़ए एसपी ऑफिस तक में कार्यरत पुलिसकर्मियों को चुनावी ड्यूटी बांट दी गई है। इन्हें अलग-अलग कार्य सौंपे गए हैं। इस संबंध में मंगलवार को पुलिस लाइन में भी इन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ड्यूटी संबंधी सावधानियों के साथ जिम्मेदारी से अवगत कराया गया।
तलाशे रहने के ठौर-ठिकाने
बताया जाता है कि बीएसएफ के जवान तो साथ में राशन-पानी ही नहीं खाना बनाने का इंतजाम तक लाए हैं। सोमवार की रात करीब दो हजार जवान यहां पहुंचे थे। इनको अलग-अलग टुकड़ी में अपने-अपने कार्य स्थल के लिए रवाना कर दिया गया। कुचामन हो या डीडवाना, मकराना हो या परबतसर, सभी क्षेत्रों में इनको ठहराने का इंतजाम किया गया है।
दबिश के साथ जांच-पड़ताल
सूत्रों का कहना है कि चुनाव के चलते इन दिनों प्रत्याशियों के जनसंपर्क/सभा व रैली के आयोजन हो रहे हैं। गड़बड़ी की आशंका देखते हुए पुलिस होटल/धर्मशाला के अलावा स्टेशन/बस स्टैण्ड सहित अन्य प्रमुख स्थानों की निगरानी कड़ी कर दी गई है। अभी तक प्रचार/सभा के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई। प्रचार का दौर अभी दो दिन और चलेगा।