राजस्थान के नागौर में पानी की पाइप लाइन बिछाने में ठेकेदार की मनमर्जी , अमृत योजना में ताक पर सुरक्षा मानक, सीवरेज के मैन हॉल व लाइनें तोड़ी
नागौर. शहर में पुरानी व क्षतिग्रस्त हो चुकी पाइप लाइनों को बदलने के लिए करोड़ों रुपए की अमृत योजना में ठेकेदार की मनमर्जी जारी है। इसके बावजूद मैसर्स लाहोटी बिल्डकॉन फर्म भाजपा के एक पदाधिकारी के परिवार से जुड़ी होने से अधिकारी कार्रवाई से गुरेज कर रहे हैं। ठेकेदार की इस लापरवाही का खमियाजा भविष्य में शहरवासियों को भुगतना पड़ सकता है। केन्द्र की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के तहत महज दो फीट की गहराई पर लाइनें बिछाई जा रही है जबकि कुछ स्थानों पर यह गहराई महज एक फीट भी नहीं है। नियमानुसार लाइन कम से कम तीन फीट गहरी होनी चाहिए।
एक-दो फीट पर ही डाल रहे लाइन
गौरतलब है कि गत 25 मई को पत्रिका ने समाचार प्रकाशित कर शहर के गाजी खाडा क्षेत्र में बिछाई जा रही पेयजलापूर्ति पेयजल लाइन में खामियां उजागर की थी। इसके बाद जिम्मेदारों ने मौखिक हिदायत देकर इतिश्री कर ली। लाइन बिछाने में ठेेकेदार की मनमानी आज भी जारी है। शहर के भीतरी भाग व तंग गलियों में लाइन डालने में तकनिकी दिक्कत बताकर महज एक व डेढ फीट पर वहीं शिव बाड़ी व किले की ढाल में बीएसएनएल की भूमिगत केबल होने का बहाना बनाकर महज दो फीट पर लाइन डाली जा रही है।
आयुक्त के पत्र भी कार्रवाई नहीं
शहर में मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को ठीक करने के लिए पुरानी लाइनों के स्थान पर नई लाइनें बिछाई जानी है, लेकिन ठेकेदार ने पहले शहर को छोड़ बाहरी इलाकों में करीब 50 से 60 किमी लाइनें डाल दी। शहर में काम शुरू कर करीब 50 किमी लाइन बिछा दी लेकिन जल्दी काम पूरा करने के चक्कर में ठेकेदार औपचारिकता कर रहे हैं, जिसका खमियाजा बाद में शहर की जनता को भुगतना पड़ सकता है। गाजी खाडा क्षेत्र में तोड़ी गई सीवरेज लाइन ठीक करने के संबंध में नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल जाट ने 23 मई को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता को लाइन दुरस्त करवाने के लिए पत्र भी लिखा था।
सीवरेज के मैन हॉल व लाइनें तोड़ी
रुडिप के कनिष्ठ अभियंता मान सिंह ने क्षतिग्रस्त लाइन ठीक करवाने के लिए 31 मई को पत्र लिखा है। पत्र में तंग गलियों में जेसीबी से ख्ुादाई करने को गलत बताते हुए सीवरेज लाइन के मैनहॉल के पास मैनुअली काम करवाने को कहा है। मैन हॉल से घरों की लाइन को जोड़ा जा चुका है और लाइन क्षतिग्रस्त होने से सीवरेज का गंदा पानी सड़कों पर पड़ा है। अभियंता ने मैन हॉल की मरम्मत करवाकर लाइन की सफाई करवाने के लिए कहा है, लेकिन दो दिन बाद भी स्थिति जस की तस है। ठेकेदार ने करणी कॉलोनी, बड़ली, करीमनगर, गाजीखाडा, दिल्ली दरवाजा बी रोड,शारदापुरम् क्षेत्र में सीवरेज लाइनें तोड़ दी।
स्टॉफ की कमी से दिक्कत
कुछ जगह दिक्कत आ रही है लेकिन इससे लाइन बिछाना बंद तो नहीं कर सकते। भूमिगत टेलीफोन केबल के कारण पाइप लाइन गहराई में नहीं बिछा पा रहे हैं। विभाग में पद रिक्त होने के कारण काम की प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं हो पाती।
शंभुदयाल चौहान, एक्सईएन, जलदाय विभाग, नागौर
चार-पांच बार लिखे पत्र
शहर में अमृत योजना में काम कर रहे ठेकेदार को चार-पांच पत्र लिखकर कार्य में सावधानी बरतने व काम मैनुअली करवाने व क्षतिग्रस्त लाइन ठीक करवाने के लिए कहा है, लेकिन आज तक ठेकेदार ने मैन हॉल व लाइनें ठीक नहीं करवाई,इससे भविष्य में दिक्कत होगी।
मानसिंह मीणा, कनिष्ठ अभियंता, रुडिप, नागौर