ग्रीष्मकालीन अवकाश में होंगी खेलकूद प्रतियोगिताएं, जिला क्रीड़ा परिषद की बैठक में कलक्टर ने खेल अधिकारी को दिए निर्देश
नागौर. ‘खेलकूद के प्रति खिलाडिय़ों एवं लोगों की रुचि पैदा करने के लिए सबसे पहले हमें सक्रिय होना पड़ेगा। जब आप ही रुचि नहीं लेंगे तो खिलाड़ी या शहरवासी आपके स्टेडियम तक क्यों आएंगे। पहले खुद को एक्टिव करें और लोगों को स्टेडियम तक अपने के लिए मजबूर करें।’ यह बात कलक्टर कुमारपाल गौतम ने बुधवार को आयोजित जिला क्रीड़ा परिषद की बैठक में खेल अधिकारियों से कही। कलक्टर ने कहा कि स्टेडियम की स्थिति सुधारने के लिए आय के स्रोत पैदा करें। पे एंड प्ले स्कीम को बढ़ावा दें, ताकि स्टेडियम की आय भी हो, जिससे खेल सुविधाओं का विकास किया जा सके।
जिला खेल अधिकारी हरिराम चौधरी ने कहा कि नागौर में पे एंड प्ले का इतना चलन नहीं है, इसलिए दूसरा विकल्प तलाशना होगा। इस पर कमेटी सदस्यों ने स्टेडियम में दुकानें बनाने का सुझाव दिया। कमेटी सदस्य शिवशंकर व्यास ने कहा कि हाइवे के किनारे दुकानें बना दी जाए तो स्टेडियम के लिए एक स्थाई आय का जरिया हो जाएगा। इस पर कलक्टर ने जिला खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे पीडब्ल्यूडी एक्सईएन श्रवणकुमार व नगर परिषद आयुक्त के साथ बैठक स्टेडियम में दुकानों का प्रस्ताव तैयार कर उनके समक्ष पेश करें, यदि व्यवहार्य (होने योग्य) हुआ तो नगर परिषद के माध्यम से या ऋण लेकर दुकानें बनाई जाएंगी।
खेल में दिखाई रुचि
कलक्टर गौतम ने खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि वे खेलों में रुचि दिखाएं तथा बजट के लिए मंत्री व भामाशाहों से भी मिलें। उन्होंने ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान पहले ब्लॉक स्तर पर तथा बाद में जिला स्तर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए। कलक्टर ने निर्देश देते हुए कहा कि वे दो दिन में इसकी पूरी कार्य योजना एवं समय सारणी बनाकर उन्हें दें, इसके बाद ये प्रतियोगिताएं आयोजित करवाएं।
इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
क्रीड़ा परिषद की बैठक में स्टेडियम से गुजर रही हाइटेंशन बिजली लाइन अंडरग्राउण्ड कराने, खींवसर व डीडवाना के स्टेडियम टेकऑवर करने, जिला स्टेडियम की सुरक्षा के लिए गार्ड लगवाने, स्टेडियम व नेहरू पार्क में जिम बनवाने, स्टेडियम में बनी सीढिय़ों को तोडकऱ नीचे बने हॉल की मरम्मत करवाने सहित अन्य विकास कार्यों पर चर्चा की गई। कलक्टर गौतम ने एडीएम अशोक कुमार को निर्देश दिए कि वे जिम का प्रस्ताव बनाकर आरएसएमएमएल को भिजवाएं, ताकि बजट की स्वीकृति ली सके।