
नागौर. तकरीबन छह साल पहले शुरू हुई सौभाग्य योजना में अब तक दो हजार से ज्यादा वंचितों को इसके तहत बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। बचे हुए वंचितों की संख्या अभी भी सात हजार से ज्यादा है। डिस्कॉम के अधिकारियों के अनुसार योजना की शुरूआत तो छह साल पहले हो चुकी थी, लेकिन वर्ष 2019 एवं वर्ष 2020 में कोविड के चलते कार्य थमा रहा। हालांकि बाद में तेजी तो इसमें लाई गई, लेकिन तमाम प्रयासों के भी अभी पूरा लक्ष्य नहीं प्राप्त हो पाया है। इसके लिए अलग से टीम बनाकर कनेक्शन दिए जाने का कार्य चल रहा है। डिस्कॉम के अनुसार जल्द ही निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति कर ली जाएगी।
डिस्कॉम के अनुसार जिले में नागौर ग्रामीण, डेह, सांजू, भैरूंदा, डेगाना, मेड़ता शहर व मेड़ता ग्रामीण, गोटन, रिया, जायल, रोड एवं मूण्डवा आदि में मिले हुए लक्ष्य में से पचास फीसदी से ज्यादा कनेक्शन जारी किए जा चुके हँैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक बिजली की रोशनी से वंचित कईयों के घर बिजली पहुंच गई है। अब शेष बचे वंचितों के लिए विभाग की ओर से टीम लगाकर काम किया जा रहा है। उपभोक्ताओं में मकोड़ी गांव के लिखमाराम नायक एवं जेठाराम नायक ने लंबे समय के बाद बिजली की रोशनी मिलने पर प्रसन्नता जताई है।
अब तक, कहां कितने, कनेक्शन हुए
स्थान हुए कनेक्शनों की संख्या
नागौर ग्रामीण 561
डेह 635
सांजू 80
भैरूंदा 54
डेगाना 62
मेड़ता शहर 49
मेड़ता ग्रामीण 75
गोटन 39
रिया 43
गोटन 39
जायल 210
रेाल 70
खींवसर 493
एक नजर इस पर भी भी
सौभाग्य योजना के तहत कुल कनेक्शन लक्ष्य-9883
सौभाग्य योजना में अब तक हुए कुल कनेक्शन-2317
योजना के तहत लक्ष्य में बचे हुए कनेक्शन-7566
यहां नहीं लग पाया
डिस्कॉम की ओर से जिले में हालांकि ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में पचास प्रतिशत से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन जारी किए जा चुके है। कनेक्शन जारी किए जाने वाले क्षेत्रों में सर्वाधिक नागौर ग्रामीण एवं डेह क्षेत्र शामिल हैं। कम कनेक्शन वाले क्षेत्रों में रोल, गोटन, रिया, मेड़ता, भैंरूदा आदि क्षेत्र हैं। इसके अलावा सौ कनेक्शन अभी मूण्डवा जरूर जारी किए गए है, लेकिन अभी नौ सौ से ज्यादा कनेक्शन करने हैं। इसे भी जल्द ही कर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से अलग से टीम बनाकर काम किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक इसमें 10 करोड़ 42 लाख 65 हजार रुपए की राशि व्यय हो चुकी है।
इनका कहना है...
सौभाग्य योजना के तहत अब तक ढाई हजार से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुके हैं। शेष बचे हुए लोगों के कनेक्शन करने के लिए प्रक्रिया चालू है। इसके अलावा अलग से टीम बनाकर भी इस पर निगरानी रखे जाने के साथ काम कराया जा रहा है।
एफ. आर. मीणा, अधीक्षण अभियंता अजमेर डिस्कॉम-नागौर