नागौर

थानाधिकारी बदलते रहे, दीवारों पर पुराना बीट चार्ट, पुलिस व्यवस्था से आमजन भ्रमित

बंद नंबर और पुरानी जानकारी, बीट व्यवस्था बेअसर, जनता को सही संपर्क में दिक्कत, तबादलों के बाद भी शहर एवं गांवों में लगे पुराने अधिकारियों के सूचना बोर्ड

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Apr 14, 2026
बाजार में लिखी पुराने बीट अधिकारी व थाना​धिकारी की सूचना

नागौर. शहर के बर्तन व कपड़ा बाजार में दीवार पर लिखी बीट संख्या 49 की मानें तो कोतवाली थानाधिकारी रमेन्द्रसिंह हाडा और बीट अधिकारी श्रीकिशन हैं, जबकि रमेन्द्रसिंह हाडा के बाद कई थानाधिकारी बदल गए, लेकिन शहर की दीवारों पर लगे बीट अधिकारी व थाना अधिकारी की सूचना नहीं बदली। वर्तमान में कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान हैं। यह हाल ग्रामीण क्षेत्रों के भी हैं, जहां वर्षों पहले लिखे गए बीट अधिकारी व थानाधिकारी के नाम बदल गए हैं। हालांकि इस सूचना में थानाधिकारी के मोबाइल नम्बर सीयूजी नम्बर लिखे हैं, जो ज्यादातर थानों में बंद पड़े हैं। कुछ स्थानों पर लिखी बीट संबंधित सूचना पर पुताई तक कर दी गई है।

बस्सी मोहल्ला में लगा पुराना बीट चार्ट

यह हालात पुलिस बीट कांस्टेबल व्यवस्था की। शहर की गली-मोहल्लों व प्रमुख स्थानों की दीवारों पर वर्षों पुराना बीट चार्ट ही नजर आ रहा है। उसमें अंकित बीट कांस्टेबल व अन्य अधिकारी पदोन्नत होकर अन्य जगहों पर जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में बीट कांस्टेबल प्रणाली की उपयोगिता पर सवालिया निशान लग रहा है।

उद्देश्य : सूचना तंत्र को मजबूत करना

अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम और सूचना तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से वर्षों पूर्व बीट कांस्टेबल प्रणाली लागू की गई थी। प्रत्येक थानों के गली-मोहल्लों की बीट बनाकर प्रत्येक कांस्टेबल को उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दीवारों पर बीट कांस्टेबल का नाम, मोबाइल नम्बर, संबंधित पुलिस स्टेशन का नाम व सीयूजी मोबाइल नम्बर और थानाधिकारी का नाम व मोबाइल नम्बर लिखे गए थे, ताकि कोई घटना होने पर आस-पास मौजूद व्यक्ति बीट चार्ट की मदद से पुलिस को तुरंत सूचित कर सके।

अधिकांश पदोन्नत, तबादलों को वर्ष बीते

नागौर शहर में अधिकांश क्षेत्रों की दीवारों पर बीट चार्ट संबंधी सूचनाएं पुरानी हो चुकी हैं। बीट कांस्टेबल ही नहीं बल्कि थाना प्रभारी व अन्य अधिकारी बदल चुके हैं। कइयों की पदोन्नति हो चुकी है और वे अन्य थानों में पदस्थापित हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति इनसे सम्पर्क करते हैं तो कार्रवाई नहीं हो पाती है। इस लापरवाही से आम जनता को सही पुलिस अधिकारी से संपर्क करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

आमजन हो रहे भ्रमित

जागरूक नागरिकों ने बताया कि शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में थानेदार व बीट कांस्टेबल के पुराने नाम लिखे हैं, जिससे लोग भ्रमित हो रहे हैं। साथ ही शिकायत दर्ज कराने और सूचना देने में देरी होती है। कई जगह लिखी गई सूचना हटा दी गई है।

प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना

पुलिस मुख्यालय की ओर से समय-समय पर बीट प्रणाली को मजबूत करने के लिए बीट कांस्टेबल के कार्यों का पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सूचना बोर्डों को अपडेट रखने में कोताही बरती जा रही है।

जल्द ही अपडेट करवाएंगे

हां, यह बात सही है कि बीट की सूचना अपडेट नहीं है। यह मामला मेरे ध्यान में है, इसे जल्द ही अपडेट करवाएंगे।

- रोशन मीना, पुलिस अधीक्षक, नागौर

Updated on:
14 Apr 2026 11:37 am
Published on:
14 Apr 2026 11:36 am
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