नागौर

2100 विद्यार्थियों के प्रवेश पर लटकी तलवार

बांगड़ कॉलेज में 1480 सीटें, प्रवेश के लिए कतार आवेदन 3601, वंचित रह सकते हैं दो हजार विद्यार्थी

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Jul 04, 2018
डीडवाना का बांगड़ कॉलेज।

डीडवाना. जिले के सबसे बड़े कॉलेज बांगड़ राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज में दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के प्रवेश पर संशय बना हुआ है। कॉलेज में स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए इस वर्ष निर्धारित सीटों से दो गुना अधिक विद्यार्थियों ने आवेदन किया है, जबकि सीटें मात्र 1480 है। ऐसे में अब विद्यार्थी कॉलेज में सीटें बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे लगातार ज्ञापन देने व धरना प्रदर्शन जैसे कदम उठा रहे हैं। सरकार गत वर्ष की तरह 25 प्रतिशत सीटें बढ़ा भी देती है, जिन पर मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। इसके बावजूद डेढ़ हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश से महरूम रहना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि बांगड़ कॉलेज में इस वर्ष प्राप्त आवेदनों की संख्या सीटों के मुकाबले लगभग ढ़ाई गुना अधिक है। कॉलेज में कला, विज्ञान व वाणिज्य वर्ग के प्रथम वर्ष में सीटें 1480 हैं। जबकि अब तक 3601 विद्यार्थी आवेदन कर चुके हैं। इनमें से अधिकांश विद्यार्थी बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश पाना चाहते हैं।
इतने मिले आवेदन
बांगड़ कॉलेज में कला वर्ग की 1040 सीटों के लिए 2459, विज्ञान वर्ग के गणित में 140 सीटों के लिए 639, जीव विज्ञान में 140 सीटों के लिए 341 तथा वाणिज्य संकाय में 160 सीटों के लिए 162 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। केवल वाणिज्य संकाय के अलावा सभी संकायों में दो गुना से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं।
दो हजार से अधिक विद्यार्थी कतार में
बांगड़ कॉलेज में गत दिनों प्रथम वरीयता सूची जारी कर दी गई है। साथ ही प्रतीक्षा सूची भी जारी कर दी गई है। इसके तहत निर्धारित सीटों के मुताबिक प्रवेश दिए जाने के बाद कला वर्ग में 1419, विज्ञान गणित में 499, जीव विज्ञान में 201 तथा वाणिज्य संकाय में 2 विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रहेंगे। यानि 2121 विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह सकते हैं।
11 सेक्शन की जरूरत
छात्र संगठनों की मानें तो आवेदनों की संख्या के लिहाज से कला वर्ग में 4 से 6, विज्ञान वर्ग में 2-2 व वाणिज्य वर्ग में 1 सेक्शन खुलने से काफी हद तक विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सकता है। हैरत की बात तो यह है कि कॉलेज में वर्तमान में कला वर्ग में 13, विज्ञान में 4 व वाणिज्य में 2 सेक्शन है। इसके बावजूद भी यह सेक्शन कम पड़ रहे हैं।
इसलिए पड़ता है इतना दबाव ?
बांगड़ कॉलेज राज्य का पांचवा सबसे बड़ा और नागौर जिले का सबसे बड़ा सरकारी कॉलेज है। इसे मॉडल महाविद्यालय का दर्जा भी प्राप्त है। स्नातकोत्तर स्तर का कॉलेज होने, कई महत्वूपर्ण विषयों के अध्ययन की सुविधा होने के कारण यहां आस-पास के गावों के साथ ही जायल, डेगाना, लाडनूं, कुचामन, लोसल, छोटी खाटू, मौलासर आदि क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन करने आते हैं। इस कारण यहां हर वर्ष विद्यार्थियों की संख्या में इजाफा होता है।
इनका कहना है
कॉलेज में उपलब्ध सीटों की अपेक्षा अधिक संख्या में विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे लेकर छात्र संगठनों की ओर से कॉलेज में सीटें बढ़ाने व नए संकाय खोलने के ज्ञापन मिले हैं।इसके बारे में कॉलेज शिक्षा आयुक्त को बताया जा चुका है। वर्तमान में सीटों पर वरीयता के अनुसार विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा।
डॉ. एन. आर. ढाका, प्राचार्य बांगड़ कॉलेज डीडवाना

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Published on:
04 Jul 2018 11:39 pm
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