माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जारी किए आदेश, आपसी परामर्स से होगा स्कूलों का संचालन
नागौर. सरकारी स्कूलों में अब संस्था प्रधान अपनी मर्जी से अपने निर्णय स्टाफ पर नहीं थोप सकेंगे। उन्हें हर माह स्टाफ के साथ विचार-विमर्श कर विद्यालय का संचालन करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय राज्य सहित जिले भर के सभी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों को हर माह स्टाफ के साथ बैठक कर अगले माह की कार्य योजना बनाने तथा बैठक के निर्णयों को विद्यालय संचालन में लागू करने के निर्देश दिए हैं। संस्था प्रधानों व स्टाफ में समुचित समन्वय तथा बेहतर तालमेल को सुनिश्चित करने के लिए परिपत्र जारी किया है। इसके अलावा बैठक का रिकॉर्ड रखने और अगले माह में बैठक में पिछली बैठक के निर्णयों की समीक्षा भी संस्था प्रधानों को करनी होगी। विद्यालय में आगामी माह के आयोजन समारोह, खेलकूद प्रतियोगिता व उत्सव आदि की पूर्व तैयारी के लिए विचार-विमर्श करना
आखिरी कार्य दिवस को होगी बैठक
इस आदेश के बाद अब सरकारी विद्यालयों में हर माह के अंतिम कार्य दिवस को स्टाफ की बैठक अनिवार्य होगी। इसके लिए उस दिन हर कालांश के 5-5 मिनट कम किए जाएंगे। जरूरत होने पर संस्था प्रधान या स्टाफ किसी भी विषय पर आपात बैठक बुला सकते हैं। जिम्मेदार शिक्षक को प्रभारी बनाया जाएगा। अगले दिन निर्णयों का संस्थाप्रधान से अनुमोदन करा पूरे माह उसी कार्ययोजना के अनुरूप विद्यालय चलाएंगे। विद्यालय हितों को ध्यान में रखते हुए संस्था प्रधान अपने स्टाफ के सदस्यों से परामर्श के बाद ही निर्णय करेंगे।
ऐसा होगा मासिक स्टाफ बैठक का एजेंडा
-विद्यालय विकास योजना में निर्धारित मासिक लक्ष्यों की प्रगति पर समीक्षा करना।
-एसएमसी व एसडीएमसी की साधारण सभा में पारित प्रस्तावों की क्रियान्विति के लिए कार्य योजना तैयार करना
-विद्यालय में आगामी माह के आयोजन समारोह, खेलकूद प्रतियोगिता व उत्सव आदि की पूर्व तैयारी के लिए विचार-विमर्श करना
-पाठ्यक्रम के मासिक लाभ प्राप्ति की समीक्षा पर चर्चा
-परीक्षा व यूनिट टेस्ट के परिणामों की समीक्षा कर कार्य योजना तैयार करना