
500 मीटर की सडक़ पर गड्ढे, धूल और कीचड़ से व्यापारी परेशान, वर्षों से मरम्मत का इंतजार
नागौर. शहर के सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में शामिल धानमंडी से तहसील चौक तक की सडक़ अब बदहाली की पहचान बन चुकी है। करीब 500 मीटर लंबे इस मार्ग पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़ा हुआ डामर और उड़ती धूल से आमजन और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस मार्ग पर हर दिन बड़ी संख्या में वाहन और लोग गुजरते हैं, उसकी हालत लंबे समय से रखरखाव नहीं होने के कारण बिगड़ चुकी है।
सडक़ की तस्वीर बयां कर रही बदहाली की कहानी
धानमंडी-तहसील चौक मार्ग की मौजूदा स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां रखरखाव की कितनी जरूरत है। सडक़ पर कई जगह डामर उखड़ चुका है और गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। बारिश के समय यही गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। वहीं गर्मी के दिनों में उड़ती धूल से दुकानदार और राहगीर परेशान रहते हैं।
व्यापारिक क्षेत्र, लेकिन सुविधाओं का अभाव
धानमंडी से तहसील चौक तक का क्षेत्र शहर के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में शामिल है। यहां अनाज, किराना, कपड़ा, ज्वेलरी और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस क्षेत्र से नगर परिषद को विभिन्न मदों में राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन इसके बावजूद सडक़ जैसी मूलभूत सुविधा लंबे समय से बदहाल है। सडक़ की खराब स्थिति का असर कारोबार पर भी पड़ रहा है। दुकानों में धूल आने से बार-बार सफाई करनी पड़ती है। कई दुकानदारों ने बताया कि ग्राहक भी असुविधा के कारण परेशान होते हैं। माल लाने-ले जाने वाले वाहनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हादसों का बना खतरा, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के साथ हादसों का खतरा बना रहता है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार वाहन चालक संतुलन बिगडऩे से गिर चुके हैं। रात के समय खराब सडक़ और कम रोशनी के कारण परेशानी और बढ़ जाती है। बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को इस मार्ग से गुजरने में ज्यादा दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय व्यापारी और नागरिकों का कहना है कि सडक़ की खराब हालत के कारण रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। रामलाल कुमावत, इरफान खान और प्रकाश सोनी ने बताया कि गड्ढों के कारण बुजुर्गों और महिलाओं को इस मार्ग से निकलने में डर लगता है। रात के समय रोशनी की कमी और खराब सडक़ के कारण परेशानी, और बढ़ जाती है। दिन में भी यहां पर काफी भीड़ रहती है। व्यस्ततम मार्ग की वजह से बेहद मुश्किल हो रही है। उनका कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।