Nagaur News: राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की मौजूदा स्थिति खिलाड़ियों के हित में नहीं है।
श्यामलाल चौधरी
नागौर।प्रदेश में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की मौजूदा स्थिति खिलाड़ियों के हित में नहीं है। परिषद में स्वीकृत 443 पदों में से 68 फीसदी यानी 330 पद रिक्त हैं। इनमें जिला खेल अधिकारी, प्रबंधक व प्रशिक्षकों के तो करीब 88 फीसदी पद रिक्त हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि ‘द्रोणाचार्य’ के बिना ‘एकलव्य’ और ‘ध्यानचंद’ कैसे बनेंगे।
गौरतलब है कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने की बात तो करती है, लेकिन खेल विभाग में प्रशिक्षकों के अधिकांश पद रिक्त होने से खिलाड़ी प्रशिक्षण से वंचित हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि नागौर सहित प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी खेल प्रतिभाएं है, लेकिन उन्हें तराशने के लिए सरकार ने पिछले 12 साल से खेल प्रशिक्षकों की भर्ती नहीं की है।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशिक्षकों के अभाव में न तो खेल सामग्री का उपयोग हो पाता है और न ही सरकार की खेल योजनाएं धरातल पर क्रियान्वित हो पाती हैं। खिलाड़ियों को उचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।
राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद में रिक्त चल रहे खेल प्रशिक्षकों के पद भरने के लिए जल्द ही भर्ती करवाएंगे।
-नीरज के. पवन, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद
राजस्थान राज्य क्रीडा परिषद में लम्बे समय से खेल अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों के पद रिक्त हैं । प्रशिक्षकों के अभाव में न तो खेल प्रतिभाएं निखर पाती हैं और न ही खेल मैदान ढंग से तैयार हो पाते हैं। सरकार को रिक्त पद भरने चाहिए।
-गोविन्द कड़वा, अध्यक्ष, नागौर जिला कबड्डी संघ
रिक्त पद भरने के संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। इसका खमियाजा खिलाड़ी भुगत रहे हैं। नई भर्ती होने तक सरकार शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लगा सकती है।
-शिवशंकर व्यास, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, राजस्थान स्टेट सॉफ्टबाल, संघ