नागौर

माली समाज भवन में हुई शादी बनी चर्चा का विषय

चर्चित रही आकांक्षा व महेश की शादी, दोनों की सामान्य से कम है लम्बाई

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Nov 01, 2017
the truth is the relationship God determines himself

नागौर. चार महीने बाद मंगलवार को देवउठनी एकादशी पर अबूझ सावे के चलते जिलेभर में शादी की शहनाइयां गूंज उठी। डीडवाना रोड स्थित माली समाज भवन में हुई शादी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। यहां पर सामान्य से कम लम्बाई का जोड़ा परिणय सूत्र में बंधा। माली समाज भवन में आयोजित शादी समारोह में झुंझुनूं जिले के जहाज गांव निवासी महेश का विवाह नागौर निवासी आकांक्षा से हुआ। दूल्हे महेश की लम्बाई साढ़े चार फीट तथा दुल्हन आकांक्षा की लम्बाई ३ फीट दो इंच होने से शादी में शामिल लोग दोनों के हौंसलों की चर्चा करते नजर आए। लोगों का कहना था कि आज के समय में कम लम्बाई होना भी शादी की राह में बड़ा रोडा है। कई बार देखने को मिलता है कि शारीरिक रूप से कमजोर या पूर्णत: विकास नहीं हो पाने से कई लोग कुदरत को कोसते हुए जिन्दगी से हार मान लेते हैं, लेकिन आकांक्षा व महेश कुमार सैनी ने हौंसला दिखाकर खुशी-खुशी एक दूसरे से शादी रचाई है।

नीम का थाना में हुई मुलाकात
युवती के चाचा ने बताया कि आकांक्षा ने बीएससी तक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह नीम का थाना में राजस्थान बड़ौदा ग्रामीण बैंक में कार्यरत है। आकांक्षा की लम्बाई कम होने के कारण कई बार वह नर्वस हो जाती थी। उसके दादा औंकार सिंह भाटी की प्रेरणा व सहयोग से यह सब कर सकी। यहां तक कि जब वह बैंक की तैयारी करने कोंचिग जाती थी तो उसके दादा उसे छोडऩे व लेने जाते थे। उन्होंने बताया कि वैसे तो लडक़ा-लडक़ी ने करीब चार साल पहले जोधपुर के एक कोचिंग सेंटर पर तैयारी की थी, लेकिन इस दौरान ऐसी कोई बात नहीं हो पाई। इसके बाद लडक़ी की बड़ौदा बैंक नीम का थाना ग्रामीण शाखा में पोस्टिंग हो गई। इसे संयोग ही कहा जाए कि करीब छह महीने पहले दोनों की मुलाकात नीमकाथाना में हुई। लडक़ी के दादा ने जब लडक़े से बात की तो जानकारी मिली की लडक़े का चयन भी नीमकाथाना में नेशनल इंश्योरेंस में हुआ है। इसके बाद दादा ने परिजनों से बातचीत की। दोनों के परिजन शादी के लिए राजी हो गए।

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हौंसला बढ़ाना चाहिए
&मंगलवार को जो शादी हुई उससे अन्य लोगों को भी यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि यदि उनके परिवार में कोई भी लडक़ी या लडक़े शारीरिक रूप से कमजोर है या फिर उसका पूर्ण विकास नहीं हो पाया तो उन्हें अनदेखा नहीं करके हौंसला बढ़ाए।
अरविंद गहलोत, लडक़ी के चाचा

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Published on:
01 Nov 2017 11:52 am
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