जिला पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख के आदेश पर चलाए जा रहे हेलमेट जांच अभियान के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने की धरपड़क दूसरे दिन गुरुवार को भी जारी रही। रास्ता बदलते दिखे बिना हेलमेट वाले वाहन चालक,दूसरे ही दिन सुस्त पड़ी पुलिस,धीमी रही कार्रवाई ।
नागौर. कोतवाली, सदर, महिला व यातायात पुलिस द्वारा शहर के अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई कर बिना हेलमेट लगाए वाहन चलाते पाए जाने पर ८५ चालान काटे व ६० से ज्यादा वाहन जब्त कर हजारों रुपए का जुर्माना वसूला। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर मोर्चा जरुर खोला लेकिन रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों में से बहुत कम लोगों को रोका।
८५ चालान काटे, ६० वाहन जब्त
यातायात थाना के यातायात प्रभारी एसआई रामनारायण,हेडकांस्टेबल जुगलकिशोर, चेनाराम, छोटूराम ४७ चालान कर ५८ सीज किए जबकि शराब पीकर वाहन चलाते दो जानों को पकड़ा व १ बिना नम्बरी दुपहिया वाहन जब्त किया। कोतवाली पुलिस के एएसआई रामकुमार ने ७ चालान बनाकर एक वाहन सीज कर १४०० रुपए जुर्माना वसूला। इसी प्रकार महिला थानाधिकारी डॉ.गीता विश्नोई व एएसआई गोविंद सिंह ने १५ चालान कर २ वाहन जब्त कर ३४०० रुपए जुर्माना वसूला जबकि सदर थाने की ओर से १६ चालान काटकर जुर्माना वसूला गया।
औपचारिकता का क्या औचित्य
न्यायालय के आदेश की पालना में समय-समय पर यातायात पुलिस द्वारा हेलमेट लगाने को लेकर कार्रवाई की जाती है लेकिन यह पहला मौका है जब कोतवाली, सदर, महिला व यातायात पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दे रही है। लेकिन पुलिस का भेदभावपूर्ण रवैया लोगों को पच नहीं रहा है। पुलिस अभी भी सरकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई से कतरा रही है जबकि हेलमेट अनिवार्यता को लेकर किसी भी चालक को छूट दिए जाने का प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद पुलिस मुंह देखकर टिका निकालने की औपचारिकता करती नजर आईं। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर औपचारिकता का क्या औचित्य है।
एक फोन पर हो गया काम
पुलिस बेशक कार्रवाई भी कर रही है लेकिन पुलिस अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के आगे बेबश नजर आ रही है। वाहन पकडऩे पर पहुंच वाला वाहन चालक पुलिस अधिकारी को किसी से फोन पर बात करवाता है और वह छूट जाता है। इसके उल्ट बिना पहचान वाले ऐसे लोग पुलिस के कोप भाजन का शिकार हो जाते हैं जो ग्रामीण अंचल से होने की वजह से उनको हेलमेट की अनिवार्यता की जानकारी नहीं होती है। उनसे हेलमेट, लाईसेंस व आरसी सब मांगकर लम्बा चौड़ा चालान किया जाता है। गुरुवार को भी कई स्थानों पर आरएसी के जवान व पुलिसकर्मी खड़े रहे और बिना हेलमेट वाले चालक आराम से जा रहे थे।