देश की किसी भी जेल में नहीं मनाया होगा ऐसा नववर्ष, पत्रिका के स्वर-साधना के फनकारों ने दी बंदियों को नववर्ष की अनूठी सौगात
नागौर. नए वर्ष के पहले दिन कारागृह के बंदियों पर 'स्वर-साधना' के फनकारों के सुरों का सुरूर इस कदर चढ़ा कि हर कोई अपने गम भूलाकर झूमने लगा। माहौल में बिखरे सुकून ने मानो पुलिस व बंदियों के फर्क को भी दरकिनार कर दिया। कारागृह परिसर में मौजूद हर शख्स मानो तपते रेगिस्तां में बरसते अमृत को पीने में मस्त हो रहा था। राजस्थान पत्रिका और शारदा कमल शर्मा की ओर से नववर्ष के पहले दिन सोमवार को आयोजित 'स्वर-साधना' कार्यक्रम में फनकारों ने सुर और ताल की जुगलबंदी से माहौल में मिठास घोल दी। बंदी भी नए वर्ष के पहले दिन मिली सुरों की सौगात से आनंदित हो गए। इस मौके जेल के उप अधीक्षक श्रवणलाल चौधरी, जेलर भवानीसिंह ने सभी कलाकारों और पत्रिका परिवार को धन्यवाद ज्ञापित किया। नागौर के संपादकीय प्रभारी रूद्रेश शर्मा ने भामाशाह व कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
हे प्रीत जहां की रीत सदा...
कारागृह में बंदियों के समक्ष जब युवा कलाकार मुन्ना सोनी ने लोकदेवता बाबा रामदेव की आकण्ठ भक्ति में डूबे भजन 'म्हाने घोड़लियो मंगवा म्हारी मां...' सुनाया तो भक्तिभाव से लबालब माहौल में बंदी नाचने लगे। सोनी ने जब जीवन की सच्चाइयों से सजे गीत 'चढ़ता सूरज धीरे-धीरे ढलता है, ढल जाएगा...' सुनाया तो वहां मौजूद हरकोई मंत्रमुग्ध हो गया। इसी प्रकार आकाशवाणी कलाकार कैलाश गौड़ ने भगवान श्रीकृष्ण की नटखट लीलाओं से सजे भजन 'कान्हा कांकरिया मत मार म्हारी फूटै घाघड़ली...' से कारागृह परिसर को भक्तिमय बना दिया। जैन समाज नागौर के स्टार सिंगर श्रेयांस सिंघवी ने जब नाकौड़ा भैरव की भक्ति से ओत-प्रोत भजन गाया तो समूचे बंदियों ने उनकी भक्तिमय रचना का जमकर आनंद लिया और झूमकर नाचना शुरू कर दिया। स्वर-साधना से जुड़े भिणियाद निवासी आसाराम चौहान ने भी शानदार लोकगीत प्रस्तुत कर दाद बटोरी। कार्यक्रम में नरेन्द्र जोशी 'प्रेमी' ने भगवान शिव और भक्त शिरोमणी मीरा की भक्ति से ओत-प्रोत भजन सुनाए।
मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह के अधीक्षक मनोज कुमार गहलोत ने लोकगीत तथा नरेन्द्र पारीक ने 'तूं माने या ना माने दिलदारा' तथा 'मैं जट यमला पगला दिवाना' सरीखे गीत प्रस्तुत कर खूब दाद बटोरी। कार्यक्रम की शुरुआत युवा गजल गायक देवेन्द्र त्रिवेदी ने गणेश वंदना से की तथा इसके बाद उन्होंने गजल पेश की। बंदी हाजी मोहम्मद ने दिलकश शायरियां सुनाई। इस मौके ऑर्गन पर कुंदन परिहार, तबले पर राकेश गोरमात व अजय व्यास तथा ऑक्टोपेड पर प्रिंस ने संगत की। मधुर साउण्ड के रामकिशोर जांगीड़ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विेशष सहयोग दिया।