
नागौर. कोई भी वस्तु का बाजार में आने से पहले काफी लंबा सफर तय करती है। उसका निर्माण करना आसान होता है, लेकिन उसे बाजार में बेचना काफी मुश्किल भरा काम होता है। दुकानदार या खरीददार उसमें कमी निकाल सकता है। हमें चाहिए कि ऐसी वस्तु का निर्माण करें कि सामने वाला उसे खरीदने के लिए तैयार रहे। वह मना करने से पहले दस बार सोचे की मना क्यों कर रहा हूं। यह बात जालंधर के उद्यमी अजय गोस्वामी ने शुक्रवार को हैंड टूल्स मैन्युफैक्चर्स एसोशिएशन के सहयोग से भारतीय उद्योग परिसंघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में 90 प्रतिशत से अधिक युवाओं की उपस्थित अच्छा संदेश दे रही है। भारत तेजी से प्रगति करने वाला देश है जिसमें युवाओं का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि जिंदगी में मौके बहुत कम मिलते है, इसलिए हमें चाहिए कि समय का सदुपयोग कर इसे हाथ से नहीं जाने दे। कार्य मेहनत व मन लगाकर करें। मंच संचालन कलस्टर लीडर राजीव सिंघल ने किया।
विश्व स्तर पर लाया जा सकता है उत्पाद
हैंड टूल्स इंडस्ट्रीज एसोशियन के अध्यक्ष शराफत अली ने यूएनआईडीओ व सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारें में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार छोटे-बड़े सभी उद्यमियों के लिए योजनाएं चला रही है। सरकार ने हैण्ड टूल्स कार्य करने वालों को आगे लाने के प्रति प्रयासरत है। एमएसएमई स्कील डवलपमेंट केंद्र के उपनिदेशक एके सिंह ने केंद्र के बारें में जानकारी देते हुए कहा कि केन्द्र के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेडईडी सर्टीफिकेटशन के माध्यम से हैण्ड टूल्स उद्यमी अपने प्रोडक्ट कि गुणवत्ता बढ़ाकर उत्पादों को विश्व पटल पर पहुंचा सकता है। नई दिल्ली के सोलर इंजीनियर पंकज कलवानिया ने सोलर ऑन ग्रीड प्लांट के बारें में विस्तार से बताया। कार्यशाला में अख्तर हुसैन पहलवान, खुदाबक्श, उस्मान, आबीद, अशफाक अली, ईमदाद हुसैन, जुल्फिकार, मुख्तियार अली, अजीजुर्रहमान सहित बड़ी संख्या में हैण्ड टूल्स कारीगर व उद्यमी मौजूद रहे।